बरनाला में बीती रात हुई तेज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से किसानों की गेहूं की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल बड़े पैमाने पर जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। इस स्थिति से किसान चिंतित हैं। भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर पंजाब के जिला कन्वीनर रूप सिंह ढिल्लवां और प्रदेश कमेटी सदस्य बलौर सिंह ढिल्लवां ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि संगठन के सदस्य खेतों में जाकर फसलों का जायजा ले रहे हैं। बारिश-ओलावृष्टि से पैदावार में कमी की संभावना किसान नेताओं के अनुसार, कई जगहों पर गेहूं की पकी फसलें बड़े पैमाने पर गिर चुकी हैं। बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की पैदावार में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि किसान पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हैं और ऐसी प्राकृतिक आपदाएं उनकी मुश्किलें और बढ़ा देती हैं। किसान नेताओं ने मुआवजे की मांग किसान नेताओं ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल खेतों का सर्वे कर खराब हुई फसलों का आकलन करने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि गिरी हुई फसल की कटाई में किसानों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। किसान नेता बोले- कोई अधिकारी नहीं आया किसान नेताओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी खेतों में नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से समय रहते किसानों की मदद करने का आग्रह किया है, क्योंकि फसलों को लगातार नुकसान हो रहा है।
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