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सरकार बोली- LPG डिस्ट्रीब्यूटरों के पास सिलेंडर की कमी नहीं: सप्लाई सामान्य, पैनिक बुकिंग में कमी; LPG कंज्यूमर्स से अपील- CNG पर शिफ्ट करें

सरकार बोली- LPG डिस्ट्रीब्यूटरों के पास सिलेंडर की कमी नहीं:  सप्लाई सामान्य, पैनिक बुकिंग में कमी; LPG कंज्यूमर्स से अपील- CNG पर शिफ्ट करें

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने गुरुवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण तेल और गैस संकट पर मौजूदा हालात की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय (MEA) में जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी है। पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि युद्ध के कारण LPG की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, देश में किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास सिलेंडर की कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% हो गई है। करीब 83% रिफिल डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेट’ कोड के जरिए हो रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आ रही है। 18 मार्च को करीब 57,000 रिफिल बुकिंग हुईं और LPG सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि हालांकि, सरकार ने कॉमर्शियल LPG उपभोक्ताओं से LPG से CNG में शिफ्ट करने की अपील की है। सरकार ने बताया कि कई कंपनियों ने इसके लिए इंसेंटिव भी घोषित किए हैं। सुजाता शर्मा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है, इसलिए सरकार अन्य जगहों से भी सप्लाई लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि क्रूड ऑयल के मामले में भारत पहले ही विविधीकरण कर चुका है और करीब 70% कच्चा तेल अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है। सरकार ने बताया कि LPG की कुछ सप्लाई अमेरिका से हो रही है, जबकि LNG के लिए कतर एक बड़ा सप्लायर है, लेकिन इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य स्रोत भी उपलब्ध हैं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दबाव जरूर है, लेकिन अभी तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। मिडिल-ईस्ट तनाव के कारण देश में LPG संकट अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। इसी बीच खबरें आई थीं कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। e-kyc से जुड़ी आई इन खबरों के बाद अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्टिकरण दिया था कि यह कोई नया नियम नहीं है। eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा था कि इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम तीन बार बदले 6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया। 9 मार्च: डिमांड बढ़ने से शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया। 12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 45 दिन किया गया। सप्लाई संकट की वजह होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर संयुक्त हमला किया, जिसमें कई सैन्य और परमाणु ठिकाने निशाना बने। इस ऑपरेशन में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहे। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी, पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। पूरी खबर पढ़ें…



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