मुख्य बातें

बंदुआ गांव में धूमधाम से मनाया सरहुल पर्व – Lohardaga News



भास्कर न्यूज|लोहरदगा कुडू प्रखंड क्षेत्र के बड़की चांपि पंचायत अंतर्गत बंदुआ गांव में आदिवासी समाज का प्रमुख प्राकृतिक पर्व सरहुल पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित इस पर्व में लोगों की भारी भागीदारी देखने को मिली। सरहुल के पावन अवसर पर गांव के पाहन विश्राम भगत व पुजारी रमेश भगत के नेतृत्व में झखरा स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान प्रकृति, जंगल और जल स्रोतों की समृद्धि एवं गांव की खुशहाली की कामना की गई। पूजा सम्पन्न होने के बाद पारंपरिक अखड़ा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में झूमर और नगाड़ों की थाप पर नृत्य-गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इस मौके पर बंदुआ अखड़ा एवं बंदुआ बर टोली अखड़ा में स्थानीय युवक-युवतियों और ग्रामीणों ने सामूहिक नृत्य कर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया। चारों ओर हर्ष और उल्लास का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आदिवासी छात्र संघ के जिला अध्यक्ष अवधेश उरांव, पड़हा बेल विजय उरांव, पड़हा उप दिवान जतरू उरांव सहित कई सामाजिक एवं ग्राम्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा वार्ड सदस्य गीता भगत, ग्राम प्रधान अम्बिका टाना भगत, सुनील टाना भगत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लेकर सरहुल पर्व की गरिमा को बढ़ाया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि सरहुल पर्व प्रकृति पूजा का प्रतीक है, जो आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की पहचान है। यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। इस प्रकार बंदुआ गांव में सरहुल का पर्व पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक धरोहर के साथ संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर आदिवासी संस्कृति की जीवंतता को प्रदर्शित किया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *