सुप्रीम कोर्ट द्वारा धर्म परिवर्तन के साथ ही अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का इस ऐतिहासिक फैसले से खुशी हुई है। इससे धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। जनजाति समाज के करीब 5 लाख लोग डि-लिस्टिंग की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।
पूर्व मंत्री ने कहा कि हमारे सरगुजा, जशपुर जिलों में तेजी से धर्म परिवर्तन हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उम्मीद जगी है कि जनजाति समाज के लिए भी आने वाले समय में कुछ ऐसा ही फैसला आएगा। गणेशराम भगम ने कहा कि देश भर में जनजाति समाज का धर्म परिवर्तन तेजी से हो रहा है। अपनी परंपरा संस्कृति को छोड़ने वाला आदिवासी नहीं हो सकता है। 24 को लाखों लोग करेंगे दिल्ली में प्रदर्शन
गणेश राम भगत ने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए 24 मई को दिल्ली में 5 लाख की संख्या में जनजाति समाज के लोग धर्मांतरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि जो जनजाति समाज से धर्मांतरित हो गया उनके आरक्षण को खत्म किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनकर जनजाति समाज के लिए भी आगे का रास्ता साफ कर दिया है। डि-लिस्टिंग रैली की तैयारी
छत्तीसगढ़ में हजारों की संख्या में धर्मांतरित लोग अब भी अनुसूचित जन जाति वर्ग को दिए गए आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। गणेश राम भगत ने बताया कि डि-लिस्टिंग की मांग को लेकर देशभर के लोग अजजा वर्ग के लोग दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं डि-लिस्टिंग कानून को लागू किया जाए।
Source link
