राजनांदगांव जिले में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण (पीएम-आशा) योजना के तहत दलहन और तिलहन की खरीदी शुरू हो गई है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने किसानों से चर्चा करते हुए उन्हें धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों के स्थान पर चना, मसूर और सरसों जैसी फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि इससे जल संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपए केंद्र पर मौजूद ग्राम दर्राबांधा के किसान कमल नारायण साहू ने बताया कि वे 50 क्विंटल चना बेचने आए हैं। उन्होंने साझा किया कि चने का समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल है, जो ग्रीष्मकालीन धान की तुलना में काफी अधिक है। इससे उन्हें लगभग 2.93 लाख रुपये की आय होगी। प्रमुख दलहन-तिलहन फसलों के लिए निर्धारित समर्थन मूल्य और उपार्जन की अंतिम तिथियां इस प्रकार हैं: चना के लिए 5,875 रुपये प्रति क्विंटल (अंतिम तिथि 30 मई), मसूर के लिए 7,000 रुपये प्रति क्विंटल (अंतिम तिथि 30 मई) और सरसों के लिए 6,200 रुपये प्रति क्विंटल (अंतिम तिथि 15 मई)। कलेक्टर ने बताया कि सुचारू खरीदी के लिए जिले की 15 सेवा सहकारी समितियों और सुकुलदैहान स्थित एक महिला कृषक उत्पादन संगठन (FPO) को केंद्र बनाया गया है। अब तक 1,107 किसानों ने चना, मसूर और सरसों हेतु पंजीयन कराया है। जिले में अब तक 238 क्विंटल चना और 265 क्विंटल मसूर का उपार्जन किया जा चुका है। केंद्रों पर तौल मशीन, बारदाना उपलब्धता, भंडारण और त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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