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हिमाचल में 37 ग्राउंड्समैन प्रशिक्षित: क्रिकेट मैदानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए सीखे आधुनिक गुर, 3 दिवसीय विशेष शिविर संपन्न – Dharamshala News

हिमाचल में 37 ग्राउंड्समैन प्रशिक्षित:  क्रिकेट मैदानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए सीखे आधुनिक गुर, 3 दिवसीय विशेष शिविर संपन्न – Dharamshala News


प्रशिक्षकों के साथ ग्राउंड्समैन।

हिमाचल प्रदेश में क्रिकेट मैदानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए 37 ग्राउंड्समैन को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) द्वारा धर्मशाला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय विशेष शिविर गुरुवार को संप

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यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चला। इसका मुख्य उद्देश्य क्रिकेट पिच और आउटफील्ड को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करना था। शिविर का लक्ष्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित क्रिकेट मैदानों की खेल परिस्थितियों को बेहतर बनाना और ग्राउंड स्टाफ को आधुनिक तकनीकों से लैस करना था।

प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देते विशेषज्ञ।

प्रतिभागियों को पिच निर्माण की वैज्ञानिक पद्धति सिखाई

प्रशिक्षण के दौरान देश के अनुभवी पिच विशेषज्ञों और क्यूरेटरों ने प्रतिभागियों को पिच निर्माण की वैज्ञानिक पद्धति सिखाई। विशेषज्ञों में संदीप, नवीन, सुनील चौहान और राज कुमार शामिल थे। उन्होंने मिट्टी के चयन, घास के रखरखाव और आउटफील्ड मैनेजमेंट की बारीकियों पर विस्तृत जानकारी दी।

सत्रों में आधुनिक टर्फ मैनेजमेंट, भारी मशीनों के उपयोग और अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इससे ग्राउंड स्टाफ तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बन सकेगा। विशेषज्ञों ने बताया कि अच्छी पिच खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने के साथ-साथ मैच को संतुलित और रोमांचक भी बनाती है।

प्रतिभागियों का प्रशिक्षित करते प्रशिक्षक।

प्रतिभागियों का प्रशिक्षित करते प्रशिक्षक।

12 जिलों से ग्राउंड्समैन और संबंधित स्टाफ ने लिया प्रशिक्षण

इस शिविर में धर्मशाला, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और कांगड़ा सहित प्रदेश के 12 जिलों से ग्राउंड्समैन और संबंधित स्टाफ ने भाग लिया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। एचपीसीए पदाधिकारियों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जमीनी स्तर पर क्रिकेट सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। प्रशिक्षित ग्राउंड्समैन अब अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर मैदानों की स्थिति को बेहतर बनाएंगे, जिससे प्रदेश में भविष्य में अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा।



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