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चंडीगढ़ CBI की 2 डॉक्टर व बिलिंग क्लर्कों पर FIR: ईसीएचएस फर्जीवाड़ा,रिटायर्ड सैनिकों के नाम पर लाखों के फर्जी बिल,48 घंटे चली रेड,रिकॉर्ड जब्त – Chandigarh News

चंडीगढ़ CBI की 2 डॉक्टर व बिलिंग क्लर्कों पर FIR:  ईसीएचएस फर्जीवाड़ा,रिटायर्ड सैनिकों के नाम पर लाखों के फर्जी बिल,48 घंटे चली रेड,रिकॉर्ड जब्त – Chandigarh News

रिटायर्ड सैनिकों के इलाज के लिए बनाई गई एक्स सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। निजी अस्पतालों में मरीजों को गलत तरीके से रेफर कर बिना भर्ती किए ही लाखों रुपए के फर्जी बिल पास करवाने के मामले में चंडीगढ़ सीबीआई ने 2 डॉक्टरों और बिलिंग क्लर्कों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में मंथन हेल्थकेयर के डॉक्टर विकास, डॉक्टर रिम्पल के अलावा बिलिंग क्लर्क परवीन और मंजीत को नामजद किया गया है। सभी आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। फर्जी रेफरल और बिना भर्ती मरीजों के बनाए जाते थे बिल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ईसीएचएस से जुड़े मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर दिखाकर रिकॉर्ड में कई दिनों तक भर्ती दिखाया जाता था। जबकि असल में मरीज भर्ती ही नहीं होते थे। इसके बाद इलाज, टेस्ट और दवाइयों के नाम पर लाखों रुपए के फर्जी बिल तैयार कर ईसीएचएस से भुगतान लिया जाता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस फर्जीवाड़े के लिए निजी अस्पतालों द्वारा ईसीएचएस की फर्जी मुहरें तक बनवाई गई थीं। इन्हीं मुहरों के जरिए रेफरल स्लिप तैयार कर मरीजों को कागजों में भर्ती दिखाया जाता था। 48 घंटे चली रेड, कई अस्पतालों से रिकॉर्ड जब्त सीबीआई की टीमों ने एसीबी इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में करीब 48 घंटे तक लगातार छापेमारी की। इस दौरान चंडीगढ़ और मोहाली के 7-8 निजी अस्पतालों से ईसीएचएस से जुड़े रिकॉर्ड, मरीजों की फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए। जांच एजेंसी ने सेक्टर-15 स्थित धर्म अस्पताल, सेक्टर-38 स्थित मंथन हेल्थकेयर के अलावा शेल्बी, केयर पार्टनर, अमर अस्पताल, ईडन और वन-एच प्लस मेडपार्क मोहाली सहित अन्य अस्पतालों में रेड की। रिकॉर्ड की स्क्रूटनी के बाद होगी अगली कार्रवाई सीबीआई अब जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की गहन जांच कर रही है। इन रिकॉर्ड को ईसीएचएस के डेटा से मिलाया जाएगा। यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अस्पताल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्राईसिटी में ईसीएचएस से इम्पैनल्ड सभी निजी अस्पतालों की बिलिंग फिलहाल रोक दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।



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