बालाघाट नगरपालिका अब नागरिकों से कचरा संग्रहण टैक्स वसूलेगी। इस निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। नगरपालिका पहले से ही संपत्ति, समेकित, शिक्षा और नगरीय विकास कर सहित कई शुल्क नागरिकों से वसूलती है। शहर में स्वच्छता के दावों के बावजूद, वार्डों के खाली प्लॉटों और नालियों में गंदगी पसरी रहती है। कई वार्डों में कचरा वाहन कई दिनों तक नहीं पहुंचते, जिससे स्वच्छता की हकीकत सामने आती है। नगरपालिका सीएमओ ने बताया कि यह टैक्स लेने का निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि लोग ‘मुफ्त की सेवा का महत्व नहीं समझते’। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम नगरपालिका में पहले से मौजूद है। इसके तहत घरों से प्रतिमाह 50 रुपये और दुकानदारों से 100 रुपये कचरा संग्रहण टैक्स लिया जाएगा। कांग्रेस ने नगरपालिका के इस कचरा संग्रहण टैक्स का कड़ा विरोध किया है। नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल सोनी ने इस निर्णय को ‘नगर की जनता के साथ धोखा’ बताया। सोनी ने कहा कि नगरपालिका एक ओर नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और टैक्स लागू होने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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