विज्ञान महोत्सव में छात्राओं ने लगाए हैं प्रदर्शनी।
BHU के स्वतंत्रता भवन में शुक्रवार से शुरू हुई तीन दिवसीय वार्षिक विज्ञान महोत्सव ‘प्रज्ञान 2026’ में कक्षा 6 से 12 तक के 1800 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह आयोजन वाराणसी और आसपास के जिलों सहित दूरस्थ क्षेत्रों की 100 से अधिक स्कूलों के विद्य
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राष्ट्रगान करते अतिथि व छात्र छात्राएं।
चंद्रयान-3 की सफलता की सुनाई कहानी
मुख्य अतिथि ISRO के पूर्व चेयरमैन पद्मश्री प्रो. एएस किरण कुमार रहे। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष गतिविधियों की पूरी यात्रा, प्रसिद्ध भौतिकशास्त्री एवं खगोलशास्त्री प्रो. विक्रम साराभाई के दूरदर्शी विचारों तथा चंद्रयान-3 की सफलता की कहानी का वर्णन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपनी इंद्रियों का उपयोग कर इतिहास रचें, सही प्रश्न पूछें तथा प्रकृति से अवलोकन नोट करें। उन्होंने कहा, “मनुष्य वास्तविक बुद्धि संपन्न परिष्कृत रोबोट हैं और युवा छात्रों को अन्वेषक बनना चाहिए तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग कर राष्ट्र को आगे ले जाना चाहिए।”

ISRO के पूर्व चेयरमैन पद्मश्री प्रो. एएस किरण कुमार।
‘सफलता का कोई शार्टकट नहीं’
विज्ञान संस्थान के संकाय प्रमुख प्रो. आरके श्रीवास्तव ने कहा, “यह विज्ञान महोत्सव वास्तव में बहुत खास है क्योंकि इसमें तीन पीढ़ियों का सहयोग है आज के समय में जेन ज़ी, जेन अल्फा के साथ जेन वाई द्वारा आयोजित है।” प्रो. मधु जी. टपडिया ने कहा, “सफलता के कोई शॉर्टकट नहीं हैं और सफलता प्राप्त करने के लिए बॉक्स के बाहर सोचना तथा सही प्रश्न मन में रखना आवश्यक है।” विज्ञान संस्थान, डॉ. अवनीश सिंह, प्रो. आरके सिंह, विभागाध्यक्ष, भौतिकी, प्रो. अभय कुमार सिंह, प्रो. सुरेंद्र प्रसाद, प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, डॉ. प्रिंस राज, प्रो. अमित कुमार, डॉ. पुरबी सैकिया, डॉ. प्रशांत सिंह आदि रहे।
