नागौर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुरपालिया थाना क्षेत्र के जानेवा निवासी बहादुर सिंह उर्फ समीर की अवैध कमाई से बनाई गई आलीशान संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत स्मैक सप्लाई के दो मामले बीकानेर जिले के पांचू थाना में दर्ज थे, जिनमें पुलिस पहले ही चार्जशीट न्यायालय में पेश कर चुकी है। यह दोनों ही मामले छः साल पुराने बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि बहादुर सिंह ने तस्करी के जरिए अर्जित धन से पिछले छह वर्षों के भीतर एक आलिशान मकान का निर्माण करवाया था। कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए उसने यह संपत्ति अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर्ड करवाई थी।
पुलिस ने इस पूरे मामले के दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए थे, जिसके बाद प्राधिकारी ने संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश जारी किए। इन आदेशों की पालना में सुरपालिया थाना की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान को फ्रीज करने की औपचारिक कार्रवाई पूरी की।
सुरपालिया थानाधिकारी सुमन कुलहरी ने बताया कि जांच में पाया गया था कि आरोपी बहादुर सिंह ने नशे के काले कारोबार से हुई कमाई के जरिए ही यह आलिशान मकान बनवाया था। जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा है। इस मकान को आज 68f के तहत कार्रवाई करते हुए मकान को सीज किया गया है।
नागौर एसपी रोशन मीना ने बताया कि नागौर जिले में अपराधियों विशेषकर नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए लगातार ऐसी कार्रवाइयां की जा रही है ताकि अपराधियों में कानून का भय हो। अवैध तरीके से कमाई कर बनाए गए मकान को सीज किया गया है और जिले में ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।
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