गुरुग्राम पुलिस ने आईएमटी मानेसर में चल रहे श्रमिक प्रदर्शन से संबंधित एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी और भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया निगरानी के दौरान एक फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो वायरल हो रहा था। इस वीडियो में दावा किया गया था कि मानेसर प्रदर्शन के दौरान एक महिला को लाठी लगने से उसकी मृत्यु हो गई।
जांच में वायरल वीडियो निकाला पुराना हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक पाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो पुराना है और इसका मानेसर के मौजूदा श्रमिक प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। दंगा भड़काने के इरादे किया वायरल इसके बावजूद, वीडियो को जानबूझकर मानेसर की हालिया घटना से जोड़कर प्रसारित किया गया, जिससे आम जनता में भय का माहौल बना और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने दंगा भड़काने के इरादे से यह भ्रामक वीडियो साझा किया था। यूपी का रहने वाला आरोपी इस संबंध में साइबर थाना मानेसर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने 11 अप्रैल को आरोपी शैलेंद्र (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया। शैलेंद्र उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सहिया बाजार गांव का निवासी है। पुलिस ने की लोगों से अपील पुलिस ने बताया कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है और जांच प्रगति पर है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।
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