आदिवासी उत्थान महासंघ (मप्र) ने अधारताल पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया। संगठन ने थाना अधारताल में दर्ज एफआईआर क्रमांक 0373 में अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश कोल ने बताया कि घटना 11 अप्रैल 2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम खजरी स्थित नर्मदा गौशाला में हुई थी। सुनील कोरी और विजय मेहरा के साथ कथित तौर पर प्रतीक पटेल, राहुल पटेल और अन्य कर्मचारियों ने प्लास्टिक पाइप और डंडों से मारपीट की थी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मामूली धाराओं में केस दर्ज किया संगठन का आरोप है कि घटना के बाद जब पीड़ित अधारताल थाने पहुंचे, तो तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में महासंघ के हस्तक्षेप के बाद मामला तो दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस ने केवल मामूली धाराओं के तहत कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी। महासंघ ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ओर आरोपियों को डायल 112 वाहन से सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया, वहीं दूसरी ओर घायल पीड़ितों को अपने इलाज के लिए भटकना पड़ा। निष्पक्ष जांच कर धाराएं बढ़ाने की मांग संगठन ने कहा है कि आरोपी प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के हैं, जिसके कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। आदिवासी उत्थान महासंघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
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