हरियाणा में निजी बस संचालकों की मनमानी और रियायती पास धारकों को बस में न चढ़ाने की शिकायतों पर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने निर्देश जारी किए हैं कि राज्य के सभी निजी स्टेज कैरिज संचालकों को हरियाणा रोडवेज की तरह ही सभी श्रेणियों के ‘फ्री’ और ‘कन्सेशनल’ पास धारकों को यात्रा करवानी होगी। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से सभी डीटीओ-सह-सचिवों को लैटर जारी किया गया है। इस लैटर के अनुसार, ‘स्टेज कैरिज स्कीम 2016’ की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि निजी बस ड्राइवर छात्रों और बुजुर्गों को पास होने के बावजूद बस में नहीं बैठाते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। इन शिकायतों का संज्ञान सरकार ने लिया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी पत्र… परिवहन विभाग के आदेश की मुख्य बातें… रोडवेज वाली सुविधा मिलेगी: निजी बसों को छात्रों, दिव्यांगों और अन्य रियायती पास धारकों को ठीक उसी तरह ले जाना होगा जैसे हरियाणा रोडवेज की बसें ले जाती हैं। कोई सब्सिडी नहीं: सरकार ने साफ किया है कि इस सेवा के बदले निजी बस संचालकों को किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी देय नहीं होगी। यह उनके परमिट की अनिवार्य शर्तों का हिस्सा है। बिंदु संख्या 11 का हवाला: साल 2017 के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए याद दिलाया गया है कि परमिट धारक इन नियमों को मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….
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