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विश्व बैंक की टीम ने भागलपुर का किया दौरा: भागलपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर; शिक्षा पर ध्यान देने की सलाह – Bhagalpur News



विश्व बैंक की टीम ने भागलपुर का किया दौरा:  भागलपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर; शिक्षा पर ध्यान देने की सलाह – Bhagalpur News
भागलपुर के समग्र शहरी विकास को लेकर आज अहम पहल हुई, जब विश्व बैंक की चार सदस्यीय टीम ने शहर का दौरा किया। टीम का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारी रोसाना नित्ती कर रही थीं। उनके साथ वसुधा थावकर, योजी तोरियूमी और प्रकाश गौड़ शामिल थे। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिला अतिथि गृह में टीम का स्वागत करते हुए कहा कि “भागलपुर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां शहरी विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की आवश्यकता है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्व बैंक के सहयोग से शहर में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भागलपुर में विकास की संभावनाओं का आकलन करना और विश्व बैंक के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। यह पहल शहरी विकास एवं आवास विभाग बिहार और विश्व बैंक के संयुक्त सहयोग से संचालित होगी। इसके तहत अनियोजित शहरीकरण को नियंत्रित कर सतत और व्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। विश्व बैंक की टीम ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं के माध्यम से तकनीकी क्षमता निर्माण, आधुनिक शहरी डिजाइन और वैश्विक स्तर की कार्यप्रणालियों को अपनाया जाएगा, जिससे शहरी अवसंरचना और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। नगर निगम में हुई विस्तृत प्रस्तुति आई-ट्रिपल-सी में आयोजित बैठक में महापौर डॉ. वसुंधरा लाल और नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने शहर की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। नगर आयुक्त कुशवाहा ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि “भागलपुर में सड़क, जल निकासी, पेयजल और यातायात व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। खासकर शहरी क्षेत्र में अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था और बड़े स्तर पर सीवरेज सिस्टम की स्थापना आवश्यक है।” उन्होंने शहर के सैंडिश मैदान, तालाबों, औद्योगिक क्षेत्रों और आबादी के बढ़ते दबाव की जानकारी भी दी। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम की ओर से शुद्ध पेयजल आपूर्ति और नाली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन तेजी से बढ़ती आबादी के कारण अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है। महापौर ने भैरवा तालाब को विकसित करने पर दिया जोर महापौर डॉ. वसुंधरा लाल ने कहा कि “भैरवा तालाब शहर के लिए बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है। पहले इसके विकास के लिए 182 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई थी, जिसे अब संशोधित किया गया है।” उन्होंने बताया कि तालाब को पार्क, नौकायन, फिशिंग, कैफेटेरिया और घाट जैसी सुविधाओं के साथ विकसित कर इसे प्रमुख पर्यटन स्थल बनाया जा सकता है। इससे शहर को हरियाली, जल संचयन और मनोरंजन का बेहतर विकल्प मिलेगा। शहर की पहचान और संभावनाएं बैठक में भागलपुर की विशिष्ट पहचान पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि यहां का जर्दालू आम, कतरनी चावल, मंजूषा चित्रकला और तसर रेशम देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा सुल्तानगंज से कहलगांव तक का गंगा क्षेत्र डॉल्फिन संरक्षण के लिए जाना जाता है, जबकि नवगछिया का कदवा क्षेत्र गरुड़ प्रजनन के लिए प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय शहर की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। बैठक में बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित सुल्तानगंज से भागलपुर तक गंगा नदी के दक्षिणी किनारे मरीन ड्राइव परियोजना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। नाथनगर के बुनकर क्षेत्र, बरारी औद्योगिक क्षेत्र और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों जेएलएनएम मेडिकल कॉलेज, टीएनबी कॉलेज और तिलका मांझी विश्वविद्यालय को भी विकास योजनाओं में शामिल करने पर जोर दिया गया। शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह विश्व बैंक की टीम के सदस्य वसुधा थावकर और प्रकाश गौड़ ने नगर निगम को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं का विकास जरूरी है। बैठक के बाद टीम ने भैरवा तालाब, सरकारी बालिका विद्यालय और नाथनगर के बुनकर क्षेत्र का निरीक्षण किया। उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने टीम को मंजूषा चित्रकला भेंट कर भागलपुर की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। इस मौके पर अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार मिश्रा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।



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