![]()
आबकारी विभाग में कार्यरत कर्मचारी पिछले तीन माह से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। शराब दुकानों पर काम करने वाले इन कर्मचारियों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, जिससे उन्हें घर खर्च चलाने में भारी परेशानी आ रही है। कई कर्मचारी उधार लेकर गुजारा कर रहे हैं, जबकि कुछ के लिए बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। धमतरी जिले में कुल 27 शराब दुकानें संचालित हैं, जिनमें सैकड़ों कर्मचारी कार्यरत हैं। वेतन भुगतान में हो रही इस देरी का सीधा असर इन कर्मचारियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। कर्मचारियों ने चिंता व्यक्त की है कि जिस विभाग से सरकार को सर्वाधिक राजस्व मिलता है, उसी के कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। अधिकारी जिम्मेदारी नई कंपनी पर डाल देते हैं शराब दुकान कर्मचारी दुर्गेश सिन्हा ने बताया कि उन्हें लगभग 2 माह 21 दिन से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि परिवार चलाने में काफी कठिनाई हो रही है और उन्होंने शासन से इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। सिन्हा ने यह भी बताया कि उच्च अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया गया है, लेकिन वे जिम्मेदारी नई कंपनी पर डाल देते हैं। एक अन्य कर्मचारी गीतेंद्र साहू ने बताया कि उन्हें फरवरी और मार्च का वेतन अभी तक नहीं मिला है, और अप्रैल माह के 21 दिन भी बीत चुके हैं। उन्होंने कहा कि वेतन न मिलने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इस संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समस्या जिला नहीं राज्य स्तर की है:कलेक्टर इस पूरे मामले पर धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि यह समस्या जिला स्तर की नहीं, बल्कि राज्य स्तर की है। उन्होंने बताया कि शासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करा दिया गया है और जल्द ही समाधान होने की उम्मीद है।
Source link
