पंजाब में गैंगस्टरों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत समराला पुलिस ने एक सरपंच के बेटे और भाजपा पुलिस जिला खन्ना यूथ प्रधान से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान हरदीप सिंह उर्फ लाडी उर्फ आजाद सिंह निवासी गांव मंझाली कलां (थाना समराला), काकू निवासी हरकृष्ण विहार (थाना मेहरबान, लुधियाना), शरीफ अली निवासी गांव बांदेवाल (जिला रोपड़), निर्मल सिंह और रानी निवासी छोटा सुल्तानपुर (थाना चमकौर साहिब) के रूप में हुई है। 112 पर मिली शिकायत से खुला मामला
जानकारी देते हुए डीएसपी प्रितपाल सिंह ने बताया कि घटना 18 अप्रैल 2026 की है, जब गांव मंझाली कलां की सरपंच बलजिंदर कौर के बेटे बलजीत सिंह (भाजपा पुलिस जिला खन्ना यूथ प्रधान) ने 112 नंबर पर कॉल कर बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उससे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। आरोपी ने धमकी दी थी कि पैसे न देने पर उसे गोली मार दी जाएगी। सूचना मिलते ही पुलिस ने थाना समराला में बीएनएस की धारा 308(5), 351(3) और 61(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टेक्निकल जांच से खुली साजिश की परतें
पुलिस की टेक्निकल सेल और स्पेशल ब्रांच ने मोबाइल लोकेशन व अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। सबसे पहले निर्मल सिंह और रानी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि निर्मल सिंह ने अपने नाम पर सिम कार्ड लेकर काकू को दिया था। जांच में पता चला कि काकू ने यह फोन शरीफ अली और हरदीप सिंह उर्फ लाडी बाबा को सौंपा था। पुलिस के मुताबिक लाडी बाबा, जो खुद सरपंच के गांव का निवासी है, ने ही पूरी फिरौती की साजिश रची थी। पहले भी कर चुके हैं वारदात
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं। 14 अप्रैल को पायल की अनाज मंडी में एक आढ़ती की दुकान पर फायरिंग की घटना में भी इनका हाथ सामने आया है। हरदीप सिंह और शरीफ अली के खिलाफ पहले से कई केस दर्ज हैं। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने और किन-किन लोगों को निशाना बनाया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इलाके में कानून-व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
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