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रानापुर में झाबुआ-कुक्षी मार्ग पर लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण को प्रशासन ने हटा दिया है। हाट बाजार में अव्यवस्थित दुकानें और बेतरतीब यातायात व्यवस्था के कारण यह समस्या गंभीर हो गई थी। नगर परिषद को जगाने के लिए सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने कई बार गुहार लगाई थी, लेकिन समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकल पाया था। मध्यप्रदेश चालक परिचालक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष हाजी लाला ने 21 अप्रैल को कलेक्टर की जनसुनवाई में इस गंभीर समस्या की शिकायत की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया था कि बस स्टैंड से लेकर शगुन होटल और चामुंडा चौराहे से पेट्रोल पंप तक सड़क किनारे लगने वाली दुकानों और अवैध पार्किंग के कारण एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते थे, जिससे किसी बड़ी अनहोनी का डर बना रहता था। तहसीलदार ने संभाली कमान शनिवार को हाट बाजार के दिन, जब स्थिति और भी विकराल होने की संभावना थी, तहसीलदार हुकमसिंह निगवाल ने स्वयं कमान संभाली। भीषण गर्मी की परवाह किए बिना, तहसीलदार पुलिस बल और नगर परिषद की टीम के साथ सड़कों पर उतरे और झाबुआ रोड पर अव्यवस्थित ढंग से लगी दुकानों व अवैध रूप से खड़े वाहनों को सख्ती से हटवाया। नहीं खड़ी हो पा रही थीं बसें बस स्टैंड पर जहां पहले हाथ ठेला और दोपहिया वाहनों के कब्जे के कारण पांच बसें खड़ी होने की जगह नहीं बचती थी, वहां भी तहसीलदार की इस कार्रवाई के बाद मार्ग काफी हद तक साफ नजर आया। चामुंडा चौराहे से लेकर कब्रिस्तान नाके तक फैले इस अतिक्रमण के हटने से यातायात सुगम हुआ है। स्थानीय लोगों को राहत प्रशासन की इस सक्रियता से बस चालकों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह व्यवस्था केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि पुलिस और नगर परिषद इसे स्थायी रूप से लागू करें ताकि भविष्य में विवाद और जाम की स्थिति दोबारा निर्मित न हो।
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