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‘आरोपी 10 दिन पहले मेरे गांव आया था। कार सवार आरोपी के साथ उसके चार से पांच गुर्गे भी थे। पहले उसने मेरे भाई अरुण पांडेय के घर के बारे में लोगों से पूछा। फिर उसने मेरे भाई से करीब एक घंटे तक बात भी की। लेकिन भाई अरुण पांडेय ने हम लोगों को कुछ नहीं बताया। आरोपी मेरे भतीजे की हत्या करना चाहता था। वो पिछले 10 दिनों से दूल्हा राम पांडेय की रेकी कर रहा था। आखिर में जब राम पांडेय उसके निशाने पर नहीं आया तो आरोपी ने मेरे भतीजे के पिता पर ही फायरिंग कर दी। उसने मेरे भाई और दूल्हे के पिता को 17 अप्रैल को बताया था कि आप जिस लड़की को अपने घर की बहू बना रहे हैं, उससे मैं पहले ही शादी कर चुका हूं। हालांकि, मेरे भाई अरुण पांडेय ने आरोपी की बात को सीरियसली नहीं लिया था।’ औरंगाबाद के चिंतावन बिगहा गांव के रहने वाले जय मंगल पांडेय ने ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में कही है। दरअसल, जय मंगल पांडेय के भतीजे राम कुमार पांडेय की 27 अप्रैल को शादी होनी थी। शादी से 12 घंटे पहले दुल्हा राम कुमार पांडेय के पिता अरुण पांडेय बाजार गए थे। वे अपने बेटे के लिए सेहरा खरीदकर लौट रहे थे, तभी कार सवार अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर घायल कर दिया। दूल्हे के पिता को गोली मारने का क्या मामला है, आरोपी ने दूल्हे के पिता को क्यों गोली मारी, वो दूल्हे की हत्या क्यों करना चाहता था, 10 दिन पहले आरोपी और दूल्हे के पिता के बीच क्या बातचीत हुई थी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए दूल्हे के पिता को गोली मारने का मामला क्या है? चिंतावन बिगहा गांव के रहने वाले पेशे से लैब चलाने वाले अरुण कुमार पांडेय के बेटे राम कुमार की सोमवार को शादी थी। बारात पटना के विक्रम थानाक्षेत्र अंतर्गत छोटकी बलियारी गांव जानी थी। सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी। बस दूल्हे का सेहरा लाना बाकी थी। इसी सिलसिले में दूल्हा राम कुमार पांडेय के पिता अरुण पांडेय ने कहा कि मैं पांच मिनट में बाजार से सेहरा लेकर आता हूं। वे स्कूटी लेकर बाजार चले गए। करीब आधे घंटे बाद खबर आई कि अरुण पांडेय को गोली मारी गई है। उनकी हालत गंभीर है, उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया है। दूल्हे के पिता को गोली मारे जाने की सूचना के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देख दूल्हे के पिता को तत्काल पटना के लिए रेफर कर दिया गया। अस्पताल में दूल्हे के परिजन से बातचीत में पता चला कि राम कुमार पांडेय की जिस लड़की से शादी होनी थी, उसके प्रेमी ने गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी ने दूल्हे के पिता को क्यों गोली मारी? दूल्हे के चाचा जय मंगल पांडेय ने बताया कि 10 दिन पहले यानी 17 अप्रैल को आरोपी अपने चार से पांच गुर्गों के साथ कार से हमारे गांव आया था। उसने गांव में एक किराना की दुकान पर अरुण पांडेय के घर के बारे में पूछा। दुकान के पास ही मैं खड़ा था। इसलिए दुकानदार ने मुझे आवाज लगाई, फिर मैंने कार सवार को अपने घर का पता ये सोचकर बता दिया कि शादी-बयाह का मामला है, कोई काम होगा, इसलिए कार सवार घर के बारे में पूछ रहे हैं। जय मंगल पांडेय के मुताबिक, लड़कों के जाने के बाद मैंने भाई से पूछा कि ये लड़के कौन थे, तो उन्होंने बताया कि अलग-अलग बातें कह रहे थे, मुझे तो ये फ्रॉड लग रहे हैं। काफी पूछने पर अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि कार चलाने वाले शख्स ने पहले तो कहा कि आपके लैब में मुझे अपनी मां का इलाज कराना है, उसकी जांच करानी है। पटना में आपका लैब कहां है, आपका बेटा कहां रहता है, मुझे जानकारी दीजिए। अरुण पांडेय के मुताबिक, मुझे शक हुआ तो मैंने अपने बेटे के बारे में सटीक जानकारी नहीं दी। हालांकि, जब वे जाने लगे तो मुझसे कहा कि आप अपने बेटे की शादी किसी और लड़की से कर दीजिए। आप जिस लड़की को बहू बनाना चाहते हैं, उससे मेरी शादी हो चुकी है। ‘चार घंटे बाद ही आरोपी पटना पहुंचा, बेटे के बारे में डिटेल मांगी’ जय मंगल पांडेय के मुताबिक, अरुण पांडेय ने बताया था कि गांव से निकलने के चार घंटे बाद ही आरोपी का दोबारा मेरे पास कॉल आया। उसने मेरे बेटे का एड्रेस पूछा, तो मुझे फिर शक हुआ, मैंने बहाना बनाकर कॉल काट दिया। इसके बाद अपने बेटे को फोन कर रहा कि तीन दिन बाद तिलक है, आज शाम तक घर आ जाओ। अरुण पांडेय के मुताबिक, मैंने अपने बेटे को इस मामले की जानकारी नहीं दी। ये नहीं बताया कि कोई आया था, शादी करने से मना कर रहा था, क्योंकि मेरा बेटा लड़की से बातचीत कर रहा था। ऐसा कुछ होता, तो मामला सामने आ जाता। ‘दूल्हा नहीं मिला तो उसके पिता को ही निशाना बनाया’ जानकारी के मुताबिक, तिलक समारोह के बाद गोली मारने के आरोपी का लगातार अरुण पांडेय के पास कॉल आ रहा था। करीब आधे घंटे की कॉल रिकार्डिंग अरुण पांडेय ने पुलिस को दी है, जिसमें आरोपी बार-बार कह रहा है कि आप लड़की के घर बारात मत लेकर जाना, नहीं तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। जय मंगल पांडेय के अनुसार, आरोपी को अगर 10 दिन पहले मेरे भतीजे के एड्रेस मिल जाता तो शायद वो मेरे भतीजे की जान ले लेता। वो पहले से अरुण पांडेय को धमका ही रहा था, पहले मिल चुका था, चेहरा देखा था। इसलिए आज बारात निकलने के चंद घंटे पहले गांव में पहुंचा और बाजार से सेहरा लेकर लौट रहे अरुण पांडेय की स्कूटी को टक्कर मारकर उन्हें सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद अरुण पांडेय पर फायरिंग कर दी। आरोपी अरुण पांडेय के सिर में गोली मारना चाहता था, लेकिन निशाना चूकने की वजह से गोली अरुण पांडेय के आंख के नीचे लगी। उधर, फायरिंग की आवाज सुनकर और एक्सीडेंट देखकर आसपास के लोगों की घटनास्थल पर भीड़ जुटने लगी, जिसके बाद आरोपी अपने गुर्गों के साथ फरार हो गया। पटना के पारस हॉस्पिटल में फिजियोथेरेपिस्ट ने तोड़ी शादी दूल्हा राम कुमार पांडेय पटना के पारस हॉस्पिटल में फिजियोथेरेपिस्ट है। साथ ही पिता के पैथलॉजी लैब में सहयोग भी करता है। घटना के बाद राम कुमार पांडेय ने लड़की से शादी से इनकार कर दिया। इस बात की जानकारी मिलते ही लड़की के घर से दो लोग दोपहर बाद ही अरुण कुमार के पास पहुंचे और शादी करने की अपील की, लेकिन अरुण कुमार पांडेय और उनके बेटे ने इस शादी से इनकार कर दिया।
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