कटिहार के डीएस कॉलेज से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां छात्रों के आधार कार्ड और आई-कार्ड सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज एक कबाड़ी के यहां मिले हैं। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने इस पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के प्रवेश से संबंधित दस्तावेज—जैसे आधार कार्ड, कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट (CLC) और आई कार्ड—एक स्थानीय कबाड़ी के पास फेंके हुए पाए गए। ये दस्तावेज कॉलेज प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित रहने चाहिए थे, लेकिन इनके इस तरह बाहर मिलने से छात्रों की निजता और सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। फोटो, मोबाइल नंबर और आधार जैसी संवेदनशील जानकारी सूचना मिलने पर एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दस्तावेजों का अवलोकन किया। संगठन के छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पीजी सत्र 2021-23 के कई छात्रों, विशेषकर छात्राओं के दस्तावेज बड़ी संख्या में कबाड़ी को बेचे गए हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि इन दस्तावेजों में फोटो, मोबाइल नंबर और आधार जैसी संवेदनशील जानकारी है, जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है। एनएसयूआई नेताओं ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, क्योंकि आई कार्ड जैसे दस्तावेज कई सरकारी प्रक्रियाओं में आवश्यक होते हैं। संगठन ने पूर्णिया विश्वविद्यालय से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की वहीं, कॉलेज के प्राचार्य प्रशांत कुमार झा ने इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि कॉलेज परिसर से रद्दी हटाने का काम चल रहा था और इसके लिए एक समिति का गठन किया गया था। प्राचार्य के अनुसार, संभवतः रद्दी के साथ गलती से कुछ आधार कार्ड और आई कार्ड भी चले गए होंगे। हालांकि, उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही से इनकार किया है। मामले के उजागर होने के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस घटना को लेकर छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश है, और सभी की नजर अब विश्वविद्यालय स्तर पर होने वाली जांच पर टिकी है।
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