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सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के पूर्व कैडेट भूपेंद्र सिंह कंवर एयर वाइस मार्शल बने हैं। वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाले स्कूल के पहले कैडेट हैं। इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने पर सैनिक स्कूल सुजानपुर के साथ-साथ सुजानपुर क्षेत्र भी गौरवान्वित हुआ है। हिमाचल के जिला हमीरपुर के निवासी भूपेंद्र सिंह को उनकी इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। भूपेंद्र सिंह कंवर का जन्म 1968 में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कंज्याण में हुई। 1981 में उन्होंने सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के चौथे बैच में प्रवेश लिया, जिसे उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। 1987 में स्कूल से पास होने के बाद, उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में दाखिला लिया। 1991 में फ्लाइंग नेविगेशन शाखा में कमीशन मिला दिसंबर 1991 में उन्हें भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की फ्लाइंग नेविगेशन शाखा में कमीशन मिला। उन्होंने एचएस-748 एव्रो, एएन-32 और आईएल-76 जैसे भारी विमानों पर 4,000 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव प्राप्त किया है। वे एयर क्रू एग्जामिनिंग बोर्ड में देश के सबसे युवा परीक्षकों में से एक रहे हैं। नेविगेशन इंस्ट्रक्टर के रूप में पहचान बनाई कंवर ने एक योग्य नेविगेशन इंस्ट्रक्टर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने नेविगेशन ट्रेनिंग स्कूल में कमांडिंग ऑफिसर और एक ऑपरेशनल एयर डिफेंस बेस के प्रमुख के रूप में भी कार्य किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एनसीसी के उप महानिदेशक (कर्नाटक और गोवा) के तौर पर लगभग 95,000 कैडेट्स को प्रशिक्षित किया। वह सैनिक स्कूल सुजानपुर से एयर कमोडोर बनने वाले पहले अधिकारी थे। अब एयर वाइस मार्शल के पद पर पदोन्नत होने वाले भी वह पहले कैडेट होंगे। उन्होंने वायु सेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला है। कई कैड़्ट्स देश सेवा में दे रहे योगदान सैनिक स्कूल सुजानपुर के कई पास आउट कैडेट देश सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। कई एक्स स्टूडेंट भारतीय सेवा के तीनों अंगों भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय थल सेना में महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान हैं।सैनिक स्कूल सुजानपुर के सोशल मीडिया हैंडल पर भी उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी गई है।
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