पिकअप हादसे में मारे गए लोगों का गुरुवार को अलग-अलग जगह अंतिम संस्कार किया गया।
मध्य प्रदेश के धार में बुधवार रात हुए पिकअप हादसे में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हो गई। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखा गया।
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अपनों को खोने वाले परिजन का बुरा हाल है। कोई पत्नी की तस्वीर हाथ में लेकर बैठा है तो कोई उनके कपड़े एकटक देख रहा है। रिश्तेदारों की आंखें भी नम हैं। पूरे गांव में मातम छाया है।
बता दें कि बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे 46 मजदूरों से भरा पिकअप वाहन टायर फटने से डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया था। वाहन ने 3-4 बार पलटी खाई। फिर सड़क के रॉन्ग साइड जाकर स्कॉर्पियो से टकराया था। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, 30 घायल हैं। मृतकों में 6 बच्चे शामिल हैं।
एक्सीडेंट इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के चिकलिया फाटा पर जियो पेट्रोल पंप के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकअप की रफ्तार करीब 100 किमी प्रतिघंटा रही होगी।
टर्न पर न तो साइन बोर्ड, न ही स्टॉप सिग्नल
इंदौर ग्रामीण डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने गुरुवार सुबह घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह ओवर स्पीड ही है। साथ ही रोड इंजीनियरिंग और नेशनल हाईवे ऑफ इंडिया (NHAI) की गलती सामने आई है। यहां टर्न पर न तो साइन बोर्ड लगे हैं और न ही स्टॉप सिग्नल। हम इन सभी बिंदुओं को लेकर NHAI को पत्र लिखेंगे।



मैप से समझिए कहां हुआ हादसा…


मृतकों के परिजन को 6–6 लाख रुपए देने का ऐलान
मृतकों के परिजन को 6–6 लाख रुपए की आर्थिेक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने X पर लिखा- मृतकों के परिवारजन को 4-4 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का इलाज मुफ्त किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने एक्स पर लिखा- दुर्घटना में अपने प्रियजन को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
देखिए, 5 तस्वीरें…

एक साथ शव पहुंचे तो परिजन बिलख पड़े।

परिजन और रिश्तेदारों ने मिलकर चिताएं तैयार कीं।

मृतकों का एक ही जगह पर अंतिम संस्कार किया गया।

डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया।

हादसे में मृतकों और घायलों का सामान दुर्घटनास्थल पर पड़ा दिखा।
विधायक ने 50-50 लाख मुआवजे की मांग की
जयस के राष्ट्रीय संरक्षक और विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मृतकों के परिजन को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बेरोजगारी और अवैध परिवहन बड़ी समस्या है। ओवरलोड पिकअप वाहनों में मजदूरों को ठूंसकर ले जाया जाता है। कई बार शिकायत और सबूत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती। इसे रोकने के लिए सरकार को गंभीर कदम उठाने होंगे।
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