लुधियाना में हिंदू नेता और पंजाब में शिवसेना के बड़े चेहरे अमित अरोड़ा को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर बवाल खड़ा हो गया है। अमित अरोड़ा की पत्नी शैरी ठाकुर अरोड़ा और उनके समर्थकों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिविल अस्पताल के बाहर इकट्ठे हुए समर्थकों और पत्नी का कहना है कि पुलिस बिना किसी अरेस्ट वारंट और बिना कारण बताए अमित अरोड़ा को अपने साथ ले गई है। पत्नी शैरी अरोड़ा ने बताया कि सुबह करीब 11 से 1 बजे के बीच पुलिस उनके घर आई और अमित अरोड़ा को ले गई। पत्नी के मुताबिक जब उन्होंने DSP और अन्य अधिकारियों से कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है बस ऊपर से ऑर्डर हैं। मौके पर मौजूद समर्थकों ने आरोप लगाया कि अमित अरोड़ा एक हाई थ्रेट पर्सन हैं इसके बावजूद डिवीजन नंबर 7 की पुलिस के मुलाजिम उन्हें सरकारी वाहन के बजाय एक प्राइवेट इनोवा गाड़ी में ले गए। समर्थकों ने सवाल उठाया है कि अगर रास्ते में अमित अरोड़ा को कोई जानी-माली नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
SHO ने 20 बार कॉल करने पर भी नहीं उठाया फोन: पत्नी ने बताया कि वह पिछले 3-4 घंटे से सड़कों पर पागलों की तरह अपने पति को ढूंढ रही हैं। उन्होंने डिवीजन नंबर 7 के SHO को करीब 20 बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।
2016 जैसी साजिश का अंदेशा: पत्नी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि 2016 में भी अमित अरोड़ा को इसी तरह दबाने की कोशिश की गई थी और उन पर झूठे पर्चे (FIR) दर्ज किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह नीति अब दोबारा नहीं चलने दी जाएगी। अमित अरोड़ा के परिजनों और समर्थकों ने पुलिस को सीधा अल्टीमेटम दिया है कि अगर प्रशासन ने जल्द यह नहीं बताया कि अमित अरोड़ा कहाँ हैं और उन्हें क्यों ले जाया गया है तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और धरना देंगे।
Source link
