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साउथ में एक्टर्स को ‘भगवान’ क्यों मानते हैं लोग: सुपरस्टार विजय पहले ही चुनाव में सीएम बनने जा रहे; ऐसी दीवानगी की 6 बड़ी वजहें

साउथ में एक्टर्स को ‘भगवान’ क्यों मानते हैं लोग:  सुपरस्टार विजय पहले ही चुनाव में सीएम बनने जा रहे; ऐसी दीवानगी की 6 बड़ी वजहें


एक्टर विजय थलपति तमिलनाडु के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। सिर्फ दो साल पुरानी उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्त्री कझगम’ यानी TVK अपने पहले ही चुनाव में बहुमत के करीब पहुंच गई। राज्य की दोनों पुरानी पार्टियां DMK और AIADMK कहीं पीछे छूट गईं।

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दक्षिण भारत में लोग सुपरस्टार्स को सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि अपना लीडर, गार्जियन और कई बार भगवान तक मानने लगते हैं। दो फिल्मी सितारे MGR और जयललिता सीएम बन चुके हैं और अब विजय भी वही करिश्मा करने जा रहे हैं।

एक्टर्स के पीछे इस तरह की दीवानगी को ‘कल्ट स्टेटस’ नाम दिया जाता है। इसके पीछे 6 बड़े फैक्टर्स हैं…

साउथ के लोगों की एक्टर्स के लिए इस दीवानगी के पीछे 4 मनोवैज्ञानिक वजहें भी हैं…

1. लोगों का एक्टर्स से एकतरफा पैरासोशल रिश्ता

  • लोग अपने पसंदीदा एक्टर्स के एक ऐसा एकतरफा रिश्ता बना लेते हैं, जिसमें एक्टर्स उन्हें जानते तक नहीं, लेकिन फैंस उनसे अंदरूनी लगाव महसूस करने लगते हैं। इसे पैरासोशल रिलेशनशिप कहा जाता है।
  • साउथ एक्टर्स का आमतौर पर लंबा करियर होता है। फैंस को हर जगह उनके पोस्टर, बैनर दिखते हैं। वो इस इमेज से कनेक्ट होते जाते हैं। अपने बच्चों के नाम उनके नाम पर रखते हैं। टैटू बनवाते हैं और उनकी बॉडी लैंग्वेज और बोलचाल तक की नकल करने लगते हैं।
  • एक्टर्स की मुश्किल हालत से लड़ने वाली इमेज के चलते फैंस को भी लगता है कि उन्हें भी मुश्किल समय से निकलने में एक्टर्स से मदद मिल रही है। एक्टर्स के फैन क्लब भी इस फीलिंग को मजबूत करते हैं।
  • साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर रोमा के मुताबिक, ‘असली रिश्तों के उलट पैरासोशल बॉन्ड में रिश्ता खराब होने का जोखिम कम होता है। लोग अपने चहेते स्टार को अपना आइडियल मानने लगते हैं। उन्हें इस रिश्ते में दूसरी तरफ से कुछ कमी या बुरा होने की चिंता नहीं रहती।’

2. आर्केटाइप रोल से जनता के ‘मसीहा, भगवान’ बनते हैं एक्टर्स

  • हिंदी सिनेमा की तुलना में साउथ इंडियन मूवीज में हीरो को कहीं ज्यादा आदर्श भूमिका दी जाती है। वह गरीबों का मसीहा, उनका उद्धारक, किसी पिछड़े तबके का सेवियर या हीरो या किसी न किसी तरह के नैतिक आदर्श की भूमिका में रहता है। इन्हें आर्केटाइप रोल कहा जाता है।
  • उदाहरण के लिए MGR की मूवीज में वो गरीब लोगों की मदद करते दिखाई देते थे। उन्हें ‘पुरट्चि तलैवर’ यानी क्रांतिकारी नेता और अच्छाई का अवतार माना जाता था।
  • रजनीकांत का स्क्रीन पर पर्सोना एक सुपरहीरो की तरह है। मूवीज में उनका किरदार अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है और अक्सर असंभव काम करके दिखा देता है।
  • डॉ. रोमा कहती हैं कि साउथ में देवी-देवताओं की पूजा की परंपरा बहुत अहम है। जब फिल्मों में एक्टर्स, जनता के नायक, मसीहा या उनके आदर्श की तरह दिखाए जाते हैं, तो असल जीवन में भी लोग उनकी काबिलियत, ईमानदारी जैसी क्षमताओं से प्रभावित होते हैं और उनके कामों को ईश्वरीय काम मानने लगते हैं। इसीलिए रजनीकांत और जयललिता जैसे एक्टर्स के मंदिर बनाकर उनकी पूजा की जाती है।
  • डॉ. रोमा के मुताबिक, जब एक सामान्य सा दिखने वाला व्यक्ति स्क्रीन पर सुपरह्यूमन जैसा काम करता है, तो मूवी देख रहा एक आम व्यक्ति भी उसी हीरो के जरिए खुद एक ऐसी काल्पनिक स्टेट में जीने लगता है, जिसमें वो अपनी सीमा से परे जाकर कोई काम कर रहा है।

3. कम/अधूरी जानकारी से आइकॉन बन जाते हैं एक्टर्स

  • गलत सूचनाओं या आधी-अधूरी जानकारियों के आधार पर कोई धारणा बना लेना साइकोलॉजी की भाषा में ‘कोग्निटिव बायस’ यानी ‘संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह’ कहा जाता है। इन्हीं बायस यानी भ्रमों के चलते भी साउथ एक्टर्स का कल्ट स्टेटस बन जाता है। ये बायस कई तरह के होते हैं…
  • एक्टर के पास कोई एक पॉजिटिव गुण है या वो किसी एक काम में अच्छा है, तो फैंस उसे राजनीति, परिवार या किसी भी और मामले में भी आदर्श मान लेते हैं। इसे ‘हैलो इफेक्ट’ कहा जाता है।
  • फैंस अपने पसंदीदा एक्टर से जुड़ी सिर्फ अच्छी-अच्छी खबरों, उसकी सफलता वगैरह पर ही ध्यान देते हैं। इसे कन्फर्मेशन बायस कहा जाता है। उदाहरण के लिए जयललिता पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उन्हें जनता की फिक्र करने वाली उनकी ‘अम्मा’ ही माना जाता था।
  • डॉ. रोमा कहती हैं कि फैंस अक्सर एक भ्रम भरा लिंक भी निकाल लेते हैं। वे कई बार वे किसी फिल्म की बड़ी सफलता, एक्टर की पार्टी की बड़ी राजनीतिक जीत को उस एक्टर के आशीर्वाद या उसकी मौजूदगी के जादू से जोड़ते हैं। विजय थलपति की पार्टी की जीत को भी उनके फैंस इसी तरह देखेंगे कि उनके होने से इतनी बड़ी जीत हुई, बजाय इसके कि उनकी इमेज के चलते जनता ने पार्टी को भारी समर्थन दिया है।

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