राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के भवन डिजाइन में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मरीजों को बेहतर, सुगम और सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की पहली बैठक अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें निर्माणाधीन और पहले से बने अस्पतालों की समग्र समीक्षा पर जोर दिया गया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अस्पतालों की वर्तमान संरचना में कई बार मरीजों को अलग-अलग विभागों तक पहुंचने में परेशानी होती है। ऐसे में अब डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा कि पेशेंट फ्लो और वर्कफ्लो (चिकित्सकीय कार्यप्रणाली) को वैज्ञानिक और व्यवस्थित बनाया जा सके। आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, ऑपरेशन थियेटर, आईपीडी, कैथ लैब, डायग्नोस्टिक और रेडियोलॉजी यूनिट्स के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को तेजी से इलाज की सुविधा मिल सके। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम करेगी मार्गदर्शन उच्चस्तरीय समिति में राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान और अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। इनमें कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर, मेडिसिन, सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जैसे विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो अस्पतालों के बेहतर डिजाइन और कार्यप्रणाली को लेकर सुझाव देंगे। समिति में शामिल प्रमुख सदस्यों में डॉ. हेमंत नारायण, डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य, डॉ. अजीत कुमार डुंगडुंग, डॉ. अनिल कुमार कमाल, डॉ. गुंजेश कुमार सिंह, डॉ. अंशु जमैयार और डॉ. अनीश कुमार चौधरी सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों वाली समिति का मुख्य दायित्व राज्य के सभी निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के मौजूदा डिजाइन का गहन परीक्षण करना है। जहां भी खामियां पाई जाएंगी, वहां संशोधन या पुनर्रचना के लिए स्पष्ट अनुशंसा की जाएगी। इसके साथ ही एकेडमिक भवन, आवासीय परिसर और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे बुनियादी ढांचे के संतुलित विकास और उचित स्थान निर्धारण पर भी सुझाव दिए जाएंगे। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के मौजूदा डिजाइन की समीक्षा की जाएगी एजेंसियों को विस्तृत डिजाइन के प्रस्तुतिकरण का निर्देश अपर मुख्य सचिव ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे अपने विशेषज्ञ परामर्शदाताओं के साथ समिति के समक्ष विस्तृत डिजाइन, योजना और विभागीय व्यवस्था का प्रस्तुतिकरण करें। साथ ही भवन निर्माण विभाग और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि योजना का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो सके। कम समय में गुणवत्तापूर्ण जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी सरकार की इस पहल से राज्य के अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और सुविधा दोनों में सुधार की उम्मीद है। बेहतर डिजाइन के कारण मरीजों को कम समय में जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी, वहीं अस्पतालों में भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन सेवाएं अधिक प्रभावी हो सकेंगी। मरीजों को इलाज में इसका लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी।
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