हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का अंतिम संस्कार होने से ठीक पहले उसके परिजनों ने शव की पहचान कर ली। सीतापुर से आए परिजनों ने मुक्तिधाम पहुंचकर दाह संस्कार रुकवाया, जिसके बाद पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। बेनीगंज-प्रतापनगर मार्ग पर एक युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। वह पैदल जा रहा था तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शव के पास एक पॉलिथीन में लोटा, शराब का पौवा और बकरे का सिर मिलने से पहचान करना और भी कठिन हो गया था। कई दिनों तक पहचान न होने पर पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार अज्ञात मानकर करने का निर्णय लिया। बुधवार को शव को मुक्तिधाम भेजा गया था। इसी बीच, सोशल मीडिया पर अज्ञात शव की सूचना देखकर सीतापुर जनपद के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी मोहम्मद साकिब बेनीगंज पहुंचे। कोतवाली पहुंचने पर साकिब को पता चला कि शव अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम भेजा जा चुका है। कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मियों को दाह संस्कार रोकने के निर्देश दिए। साकिब तुरंत मुक्तिधाम पहुंचे और शव की पहचान अपने भाई जावेद के रूप में की। परिजनों ने बताया कि जावेद शुक्रवार को नैमिषारण्य में मुंडन संस्कार के लिए बाल बनाने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला, तो मिश्रिख कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मृतक जावेद के परिवार में पत्नी शमशुन और पांच बच्चे हैं। कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने बताया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
Source link
