मंडी जिले में कोटली के गांव स्लेतर डाकघर धनियारा निवासी बीरी सिंह और उनके छोटे भाई घनश्याम का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। बचपन में मां द्वारा छोड़कर चले जाने के बाद, वर्ष 2017 में पिता के निधन से दोनों भाई पूरी तरह अकेले पड़ गए। इसके बाद वर्ष 2022 की भारी बारिश में उनका एकमात्र घर भी ढह गया, जिससे वे बेघर हो गए। वर्तमान में दोनों भाइयों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना का सहारा मिला है। बीरी सिंह आईटीआई सुंदरनगर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जबकि उनके छोटे भाई घनश्याम डडौर स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। वे अनाथ आश्रम में रहकर अपने भविष्य को संवारने का प्रयास कर रहे हैं। आईटीआई पूरी होने के बाद रहने की चिंता बीरी सिंह ने बताया कि उनकी आईटीआई पूरी होने में केवल दो महीने बचे हैं, जिसके बाद रहने की समस्या सबसे बड़ी चिंता है। सरकार की ओर से मकान निर्माण के लिए सहायता राशि स्वीकृत की गई है और पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये खाते में आ चुके हैं। हालांकि, जिस जगह उनका घर था, वहां आज भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, क्योंकि घर के नजदीक बहने वाले नाले में लगातार मिट्टी धंसने का डर रहता है। उनका कहना है कि जब तक वहां सुरक्षा दीवार नहीं लगती, तब तक घर बनाना सुरक्षित नहीं होगा। समाजसेवियों से लगाई मदद की गुहार दोनों भाइयों ने सरकार, पंचायत प्रतिनिधियों और समाजसेवियों से मदद की गुहार लगाई है। बीरी सिंह ने बताया कि जब भी वे गांव आते हैं, तो पड़ोसी चित्र सिंह उन्हें अपने घर में ठहराते हैं और हर मुश्किल समय में उनका सहारा बने हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास सुरक्षित जमीन भी नहीं है, क्योंकि जो थोड़ी बहुत जमीन है, वह भी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में आती है। ऐसे में यदि कोई मदद के लिए आगे आए या घर बनाने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध करवाए, तो उनके जीवन को नई दिशा मिल सकती है।
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