मऊभंडार में हाल में पांच युवकों की गिरफ्तारी के बाद जांच में पता चला है कि नशे का कारोबार तेजी से युवाओं और स्कूल-कॉलेज के छात्रों तक पहुंच रहा है। गिरफ्तार युवकों में कई पहले खुद नशे के शिकार बने, फिर सप्लाई चेन का हिस्सा बन गए। गिरफ्तार युवकों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है। इनमें कुछ पढ़ाई और छोटे-मोटे रोजगार से जुड़े थे, लेकिन धीरे-धीरे ब्राउन शुगर की लत ने उन्हें अपराध की ओर धकेल दिया। इलाके के कई परिवारों ने भी माना कि बच्चों के व्यवहार में बदलाव दिख रहा था, लेकिन समय रहते गंभीरता समझ नहीं पाए। मऊभंडार के बाद अब घाटशिला इलाके में बढ़ते ड्रग्स कारोबार को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। 500 की पुड़िया, 1500 में बिक्री जांच में सामने आया कि ब्राउन शुगर छोटी-छोटी पुड़िया में बेची जा रही थी। सिल्वर पैकेट में इसकी सप्लाई होती थी। 500 रु में खरीदी पुड़िया 1000 से 1500 रु में बेची जा रही थी। अनुमान है कि इस धंधे से रोज 30 से 50 हजार रु. तक का कारोबार हो रहा था। सिर्फ पुलिस कार्रवाई काफी नहीं विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रग्स का बढ़ता असर समाज के लिए भी खतरा है। नशे की लत से चोरी, झगड़े और दूसरे अपराध बढ़ने का खतरा रहता है। हालांकि पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और मुख्य सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
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