कोंडागांव के अबुझमाड़ क्षेत्र में कभी नक्सल प्रभाव के कारण दहशत में रहने वाले दूरस्थ गांवों में अब बदलाव की तस्वीर दिखाई देने लगी है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) सुरक्षा अभियान के साथ-साथ ग्रामीणों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का काम भी कर रहा है। 41वीं वाहिनी ITBP ने नारायणपुर जिले के अतिसंवेदनशील गांव नेलांगुर, पदमकोट और बेडमाकोटी में “स्पेशल CAP प्रोजेक्ट 2025-26” के तहत विशेष सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके साथ आत्मीय संबंध स्थापित करना था। ग्रामीणों को दिए सिन्टेक्स वाटर टैंक कार्यक्रम के दौरान 41वीं वाहिनी के कमांडेंट बेनुधर नायक ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सिन्टेक्स वाटर टैंक वितरित किए। लंबे समय से पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छ पानी की सुविधा मिलने से अब उन्हें काफी राहत मिलेगी और दैनिक जीवन आसान होगा। युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश कार्यक्रम में युवाओं और ग्रामीणों के लिए नशा मुक्ति जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। कमांडेंट बेनुधर नायक ने नशे के दुष्प्रभावों और समाज पर पड़ने वाले उसके नकारात्मक असर की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। बच्चों संग खेलते नजर आए ITBP जवान कार्यक्रम का भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब ITBP जवानों ने नेलांगुर और पदमकोट कैंप में पढ़ने वाले बच्चों के साथ समय बिताया। जवानों ने बच्चों से पढ़ाई, सपनों और भविष्य को लेकर बातचीत की। इस दौरान बच्चों को स्टेशनरी सामग्री और खेलकूद के सामान भी वितरित किए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। जवानों ने बच्चों के साथ खेलकर उनका उत्साह और आत्मविश्वास भी बढ़ाया। सिर्फ सुरक्षा नहीं, विकास भी प्राथमिकता: कमांडेंट कमांडेंट बेनुधर नायक ने कहा कि ITBP केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के विकास और खुशहाली के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही बच्चों और युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकती है।
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