आगरा में मां-पिता ने बेटी को बोझ समझा। दोगुनी उम्र के युवक से शादी करा दी। बेटी ससुराल में उत्पीड़न पर भाग निकली। रिश्ते की दादी से गुहार लगाई। इसकी जानकारी पर परिजन पंचायत कर घर ले गए। एक बार फिर पीड़िता भाग निकली। इस बार दादी की मदद से महिला थाने पहुंचकर जान बचाने की गुहार लगाई। मामले में जांच के बाद मां-पिता सहित सात के खिलाफ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। थाना ताजगंज क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी ने पुलिस को बताया कि कक्षा तीन तक पढ़ी है। पिता जूता फैक्टरी में काम करते थे। तीन बहनों में दो की शादी हो चुकी है। तीन अप्रैल को मां और पिता उसे ईदगाह क्षेत्र में लेकर आए। वहां पहले से बुआ और उनकी सास मौजूद थे। उन्होंने नए कपड़े पहनने के लिए दिए और कहा कि तेरी शादी करा रहे हैं। शादी का विरोध करने लगी, तो मां-पिता ने धमकाना शुरू कर दिया। एत्माद्दौला क्षेत्र के रहने वाले आकाश से जबरन शादी करा दी। आकाश उसे अपने घर ले गया। उसका मानसिक शोषण किया जाने लगा। एक दिन आकाश की भाभी अर्चना ने बताया कि उसको मां-पिता और बुआ ने 50 हजार रुपये में बेचा है। वह कहने लगी कि विरोध करेगी तो उसे कहीं और बेचकर अपनी रकम वसूल लेंगे। इससे वो दहशत में आ गई। 10 दिन बाद मौका पाकर भाग निकली और रिश्ते की दादी के घर पहुंची। दादी ने पुलिस को बताया कि बेटी के मां-पिता को बुलाया। उनसे शादी का विरोध किया। वो मानने के लिए तैयार नहीं थे। इस पर रिश्तेदार आ गए। इस पर माता-पिता बेटी को घर ले गए। दो दिन घर में रखने के बाद पिता ने आकाश को बुला लिया। वो किशोरी को अपने साथ ले गया और फिर से उत्पीड़न किया जाने लगा। 21 अप्रैल को किशोरी एक बार घर से भाग आई। किशोरी ने तीन मई को महिला थाने आकर जानकारी दी। इस पर उसे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने की पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर बयान दर्ज कराए गए। आरोपी घर से भाग निकले, पुलिस तलाश में लगी एडीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि मारपीट, जान से मारने की धमकी, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9 व 11 के तहत प्राथमिकी लिखी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया गया है। वह घर से भाग गए हैं। पीड़िता का मेडिकल कराया गया है। इसमें उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई है। पीड़िता के कोर्ट में बयान भी दर्ज कराए गए हैं। इसके आधार पर प्राथमिकी में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की भी वृद्धि की गई है।
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