लुधियाना के खन्ना के मलौद इलाके में ‘ऑनर किलिंग’ (सम्मान के नाम पर हत्या) का एक खौफनाक मामला सामने आया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक युवक की अंधी हत्या की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल उसके चार अन्य साथी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मृतक की पहचान गांव घुंगराना निवासी 35 वर्षीय ओंकार सिंह उर्फ गुरी के रूप में हुई है। पुलिस को 15 मई 2026 को गांव नानकपुर जगेड़ा के पास नहर पुल के नजदीक एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। शव के ठीक पास एक एक्टिवा स्कूटी भी गिरी हुई थी। आरोपियों ने पूरी सोची-समझी साजिश के तहत शव और स्कूटी को इस तरह रखा था ताकि देखने वालों को यह महज एक सड़क हादसा (एक्सीडेंट) लगे। अवैध संबंधों के चलते बहन को भगा ले गया था युवक मलौद थाना पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जब तकनीकी और मानवीय स्रोतों से जांच आगे बढ़ाई, तो ऑनर किलिंग का सच सामने आया। डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि मृतक ओंकार सिंह के अपने ही गांव की एक युवती के साथ पिछले करीब एक साल से प्रेम संबंध थे। 14 और 15 मई की दरमियानी रात ओंकार सिंह उस युवती को अपने साथ भगाकर गांव नानकपुर जगेड़ा की तरफ ले आया था। भाई ने साथियों संग घेरा, बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला युवती के घर से भागने की भनक जैसे ही उसके भाई गुरप्रीत सिंह को लगी, उसने आगबबूला होकर अपने चार दोस्तों के साथ दोनों का पीछा करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने नानकपुर जगेड़ा के पास दोनों को रास्ते में ही घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने गुस्से में आकर ओंकार सिंह पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और उसकी इतनी बेरहमी से पिटाई की कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्कूल की दीवार के पास फेंका शव, मुख्य आरोपी गिरफ्तार ओंकार सिंह की मौत हो जाने के बाद आरोपी घबरा गए। उन्होंने हत्या को छुपाने के लिए शव को नानकपुर जगेड़ा के हाई स्कूल की दीवार के पास मुख्य सड़क किनारे फेंक दिया और पास में एक्टिवा खड़ी कर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी भाई गुरप्रीत सिंह (निवासी घुंगराना) को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। बाकी 4 आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि इस खौफनाक वारदात में शामिल बाकी चार सह-आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और उन्हें भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। पुलिस इस मामले के हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।
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