पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने अब पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग को तलब किया है। इसके अलावा 3 अन्य लोगों को भी सोमवार को पेश होने के आदेश दिए गए हैं। इनमें पावरकॉम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर त्रेहन, 2 कारोबारी साझेदार हेमंत सूद और चंद्रशेखर शामिल हैं। यह मामला मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी एक निजी कंपनी को करोड़ों रुपये की बैंक गारंटी कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से वापस कर फायदा पहुंचाने से संबंधित है। सोमवार को ही इस मामले में संजीव अरोड़ा की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, जिसमें ईडी की ओर से जवाब दाखिल किया जाएगा। फाइलें सौंपने की तैयारी सूत्रों के मुताबिक, इस नोटिस के बाद पावरकॉम इस मामले से संबंधित सभी फाइलें और रिकॉर्ड ईडी को सौंपने की तैयारी में है। अधिकारी मांगे गए दस्तावेज जांच एजेंसी के कार्यालय लेकर जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने आईएएस अधिकारी बसंत गर्ग को पावरकॉम का सीएमडी नियुक्त करने के लिए नियमों में संशोधन किया था। माना जाता है कि वे मंत्री अरोड़ा के करीबी हैं। लुधियाना के हैम्पटन कोर्ट बिजनेस पार्क से जुड़े विवाद में, वर्ष 2023 में जब संजीव अरोड़ा राज्यसभा सांसद थे, उनकी कंपनी ‘रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ ने बिजली लोड बढ़ाने के लिए पावरकॉम में आवेदन किया था। 3 दिन लगातार चली सुनवाई भले ही संजीव अरोड़ा का रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया है, लेकिन इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लगातार तीन दिन से सुनवाई चल रही है। पिछले तीन दिनों से अरोड़ा के वकील अपना पक्ष रख रहे थे। उन्होंने गिरफ्तारी समेत पूरी कार्रवाई को गलत बताया है। हालांकि, ईडी के वकील ने इन दलीलों का विरोध किया है। वहीं, सोमवार को ईडी की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा। दूसरी तरफ, जीएसटी चोरी समेत लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया गया है।
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