झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व वाइस चेयरमैन राजवीर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर पहली बार मीडिया के सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और झूठे हैं। राजवीर का कहना है कि बैंक में चल रही अनियमितताओं और गलत कार्यों का उन्होंने विरोध किया था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। राजवीर ने दावा किया कि बैंक में कार्यरत महिला कर्मचारी कई-कई दिनों तक अनुपस्थित रहती थी, लेकिन इसके बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने बैंक प्रबंधन के सामने भी सवाल उठाए थे। इसके अलावा बैंक में लगाई गई एक गाड़ी के नाम पर भी गलत तरीके से पैसे लिए जाने का आरोप लगाया। राजवीर के अनुसार उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की थी और खर्चों की जांच की बात कही थी। पूर्व वाइस चेयरमैन ने कहा कि जब उन्होंने इन मुद्दों का विरोध शुरू किया तो उनके खिलाफ माहौल बनाया गया। उनका आरोप है कि बैंक में अनियमितताओं को उजागर करने की वजह से उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। राजवीर ने कहा कि उन्होंने संबंधित मामले में पहले शिकायत दी थी, लेकिन उनकी शिकायत के करीब तीन दिन बाद ही उनके खिलाफ झूठी शिकायत कर दी गई। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आने पर सभी आरोप अपने आप बेनकाब हो जाएंगे। राजवीर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि यदि पूरे रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच हो जाए तो वास्तविक स्थिति साफ हो जाएगी। क्या है मामला हाल ही में झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक के वाइस चेयरमैन राजवीर को निलंबित किए जाने का पत्र उप रजिस्ट्रार रोहतक की ओर से जारी किया गया था। उन पर बैंक कर्मचारी व भाजपा नेत्री से छेड़छाड़ और जातिसूचक शब्द कहने जैसे आरोप लगाए गए थे। मामले के सामने आने के बाद अब राजवीर ने मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी है और खुद को निर्दोष बताया है।
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