यमुना नदी और उससे जुड़ी नालियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने अब सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में यमुना कार्य योजना के तहत हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने बुधवार को सोनीपत क्षेत्र में पड़ने वाली नाली संख्या-6 का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पानीपत से लेकर दिल्ली-नरेला सीमा तक कई संवेदनशील स्थानों का दौरा कर प्रदूषण की स्थिति का जायजा लिया। अध्यक्ष ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना शोधन के गंदा पानी किसी भी हालत में नाली में नहीं छोड़ा जाए। साथ ही प्रदूषण रोकने के लिए सभी विभाग मिलकर प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्यों और पानी की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने तथा पानी की लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
भोरा रसूलपुर गांव से शुरू किया निरीक्षण अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने सबसे पहले पानीपत की ओर से आने वाली नाली संख्या-6 के प्रवेश स्थल भोरा रसूलपुर गांव का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए पानीपत जिले के अधिकारियों को प्रदूषण रोकने के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की जांच के निर्देश इसके बाद उन्होंने भोगीपुर गांव का दौरा किया, जहां बड़ही के सामूहिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निकास नाली संख्या-6 में गिरता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयंत्र से छोड़े जा रहे पानी की गुणवत्ता की नियमित और सख्त निगरानी की जाए तथा प्रदूषण कम करने के लिए सामूहिक स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएं। लंबित कार्य जल्द पूरे करने के आदेश
अध्यक्ष ने नाली संख्या-6 और डीडी-8 के साझा साइफन स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नाली संख्या-6 को ढकने से जुड़े लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों की वजह से प्रदूषण नियंत्रण योजना प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बाकनेर नाली और दिल्ली सीमा का भी किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान उन्होंने दिल्ली की ओर से आने वाली अत्यधिक प्रदूषित बाकनेर नाली के उस स्थान का भी जायजा लिया, जहां यह नाली संख्या-6 में मिलती है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली-नरेला सीमा पर स्थित नाली संख्या-6 के अंतिम निकास स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बिना शोधन के पानी को रोकने पर जोर
अध्यक्ष ने यमुना कार्य योजना से जुड़े सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना शोधन के छोड़े जा रहे गंदे पानी के सभी निकास स्थलों को तुरंत बंद किया जाए। साथ ही शोधन संयंत्रों के निर्माण कार्यों के लिए लंबित प्रशासनिक स्वीकृतियां जल्द लेने के निर्देश भी दिए गए। कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रचेता सिंह , नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार , कुलदीप सिंह, सिंचाई विभाग के मनजीत हुड्डा, प्रदूषण नियंत्रण मंडल सोनीपत के अजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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