मुख्य बातें

LPG सिलेंडर में ब्लास्ट, भाई-बहन की मौत: गैस भरते समय हुआ हादसा, कोल्ड ड्रिंक गोदाम से मकान तक पहुंची आग, दो लोग गंभीर – Bharatpur News

LPG सिलेंडर में ब्लास्ट, भाई-बहन की मौत:  गैस भरते समय हुआ हादसा, कोल्ड ड्रिंक गोदाम से मकान तक पहुंची आग, दो लोग गंभीर – Bharatpur News

डीग जिले के कामां इलाके में LPG सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग में एक परिवार के 7 लोग झुलस गए। इनमें से दो बच्चों (भाई-बहन) की मौत हो गई। हादसा डीग रोड पर बस स्टैंड के सामने कोल्ड ड्रिंक के एक गोदाम में मंगलवार शाम 5 बजे हुआ। 2 लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, झुलसे हुए सभी लोगों को भरतपुर के RBM हॉस्पिटल लेकर गए। यहां एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी 6 लोगों को जयपुर रेफर किया गया। जयपुर के SMS हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही एक और बच्चे ने दम तोड़ दिया। देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… अब पढ़िए, सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम … 1. गैस भरने के दौरान हुआ हादसा कामां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रसोई गैस सिलेंडर से ईको गाड़ी की गैस किट में गैस भरी जा रही थी। दोनों ईको गाड़ियां गैस किट वाली थीं। मनमोहन की गांव में शीतल पेय की एजेंसी है और वह सप्लाई के लिए इन्हीं गाड़ियों का उपयोग करता था। उसके चचेरे भाई भगवान सिंह की किराना दुकान है। दोनों परिवार गोदाम के ऊपर बने मकान में रहते थे। 2. सिलेंडर फटते ही घर तक पहुंची आग पुलिस के अनुसार हादसे के समय मनमोहन गाड़ियों में गैस भर रहा था। इसी दौरान एक सिलेंडर में अचानक धमाका हो गया और आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि आग की लपटें सीधे ऊपर बने मकान तक पहुंच गईं। उस समय भगवान सिंह भी घर आया हुआ था और दोनों परिवार के सदस्य मकान में मौजूद थे। 3. धमाकों की आवाज सुन जुटे लोग रिश्तेदार छतर सिंह ने बताया कि सिलेंडर फटने के बाद आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे परिवार के लोग झुलस गए। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस और अग्निशमन दल को सूचना दी गई। अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। वहीं न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीमों को भी जांच के लिए बुलाया गया और फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। 4. सात लोग आग की चपेट में आए हादसे में शीतल पेय एजेंसी संचालक मनमोहन पुत्र दाताराम और उनकी पत्नी सरिता (25) झुलस गए। इसके अलावा भगवान सिंह (37) पुत्र लक्ष्मीचंद, उनकी पत्नी नीरज, बेटा लक्ष्य (8), बेटी साक्षी (15) और अक्षरा (11) भी आग की चपेट में आ गए। सभी घायलों को तुरंत आरबीएम अस्पताल पहुंचाया गया। 5. बच्ची 50 प्रतिशत तक झुलसी आरबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान अक्षरा की मौत हो गई। शव परीक्षण करने वाले डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि बच्ची करीब 50 प्रतिशत तक झुलस गई थी और उसके दोनों हाथ-पैर व चेहरा बुरी तरह आग से प्रभावित हुए थे। वहीं अन्य छह घायलों को जयपुर रेफर किया गया, लेकिन लक्ष्य की रास्ते में ही मौत हो गई। जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *