मोगा में जुडिशियल मजिस्ट्रेट लवलीन संधू की अदालत ने चैक बाउंस के एक मामले में आरोपी अमरजीत सिंह भट्टी को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। यह मामला गांव धूड़कोट चढ़त सिंह निवासी अमरजीत सिंह भट्टी से जुड़ा है, जिसने सितंबर 2022 में गिल रोड मोगा निवासी रूपिंदर शर्मा से 50 हजार रुपए उधार लिए थे। उधार राशि लौटाने के आश्वासन के तौर पर भट्टी ने शर्मा को 50 हजार रुपए का चेक दिया था। रूपिंदर शर्मा ने 25 मार्च 2023 को यह चेक अपने बैंक खाते में जमा किया, लेकिन बैंक द्वारा इसे बाउंस कर दिया गया। कई बार समन भेजने पर पेश नहीं हुआ इसके बाद रूपिंदर शर्मा ने अपने वकील के माध्यम से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजकर राशि लौटाने की मांग की। हालांकि, आरोपी ने न तो पैसे लौटाए और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया। इसके चलते रूपिंदर शर्मा ने अदालत में शिकायत दायर कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कई बार समन जारी किए, लेकिन आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ। इस कारण अदालत ने उसे एक समय भगोड़ा भी घोषित कर दिया था। बाद में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने में सफल रही, जिसके बाद मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई। रूपिंदर शर्मा के एडवोकेट प्रदीप भारती और प्रभदीप कौर ने बताया कि अदालत में पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस का आरोप सिद्ध हो गया। इसी के चलते अदालत ने अमरजीत सिंह भट्टी को 2 साल की कैद और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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