हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के खाते में एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ गई है। उन्हें एक बार फिर प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है। इस बार यह पुरस्कार अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली ‘क
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यह पहला मौका नहीं है जब अनुराग ठाकुर को इस सम्मान से नवाजा गया हो। इससे पहले, वर्ष 2019 में भी 16वीं लोकसभा के दौरान उनके उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘संसद रत्न’ पुरस्कार मिल चुका है।
समिति ने पेश कीं 23 महत्वपूर्ण रिपोर्ट, कीं 50 से अधिक बैठकें
अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में 18वीं लोकसभा की इस संसदीय स्थायी समिति ने रिकॉर्ड तोड़ काम किया है। समिति ने अब तक संसद में 23 महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिनमें देश के विकास से जुड़े बेहद संवेदनशील विषय शामिल हैं।
इन मुद्दों में रिपोर्ट बनाई रिपोर्ट
- कोयला खनन और पर्यावरण स्वीकृति (Environmental Clearance) की प्रक्रिया।
- जिला खनिज फाउंडेशन निधि (DMF Fund) का सही उपयोग।
- स्टील स्क्रैप रिसाइक्लिंग नीति और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा।
- खनन और इस्पात (Steel) क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता।
- समिति ने मात्र एक वर्ष के भीतर 50 से अधिक बैठकें आयोजित कर देश के ऊर्जा और खनन क्षेत्र को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण सिफारिशें सरकार को सौंपी हैं।
संसद रत्न का इतिहास:पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम की प्रेरणा से शुरू हुए थे पुरस्कार
इन पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 2010 में देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के अनमोल सुझाव पर की गई थी। इसका उद्देश्य देश के शीर्ष सांसदों को उनके विधायी कार्यों, सदन में उपस्थिति, जनता से जुड़े मुद्दों पर पूछे गए प्रश्नों और बहस में उनकी भागीदारी के आधार पर प्रोत्साहित करना है।
“यह पूरे हिमाचल और हमीरपुर की जनता का सम्मान”
इस प्रतिष्ठित सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने इसे अपनी कर्मभूमि को समर्पित किया। उन्होंने कहा-
“यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की जनता का सम्मान है। मैं समिति के सभी साथी सांसदों और चयन समिति का आभार व्यक्त करता हूँ। यह सम्मान विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए मेरे संसदीय दायित्वों और प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती देगा।”

