हिसार जिले में पुलिस ने आमजन को फंड रिलीज और बीमा राशि दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी YouTube के जरिए साइबर फ्रॉड के तरीके सीखते थे और सिलिकॉन से नकली फिंगरप्रिंट्स तैयार कर आधार आधारित KYC प्रक्रिया को भी धोखा देते थे। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी मयंक मुदगिल ने बताया कि आरोपी लोगों को फोन कर खुद को विभिन्न संस्थाओं का अधिकारी बताकर विश्वास में लेते थे और फंड ट्रांसफर, बीमा राशि रिलीज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाकर ठगी करते थे। बैंक खातों की गहन जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। दिल्ली, बंगाल और महाराष्ट्र के रहने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद मोशिरूल हकर उर्फ उत्सव उपाध्याय हावड़ा, पश्चिम बंगाल, भरत जनक सिंह कापडिया उर्फ राम प्रसाद नाना मुंबई, महाराष्ट्र, सुभाष कुमार पूर्वी दिल्ली और साहिल गुसाई लक्ष्मी नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, फर्जी सिम और नकली दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाते थे। गरीब लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कर खाते खुलवाए जाते और इन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम डलवाई जाती थी। इसके बाद आरोपी ATM निकासी, RTGS और नकद ट्रांजेक्शन के जरिए रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर देते थे। सिलिकॉन से नकली फिंगरप्रिंट्स तैयार करते एएसपी ने बताया कि गिरोह सिलिकॉन से नकली फिंगरप्रिंट्स तैयार करता था, जिनका इस्तेमाल आधार कार्ड आधारित KYC और बैंकिंग सत्यापन प्रक्रिया में किया जाता था। पुलिस ने फर्जी अंगुल छाप बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं। आरोपियों के कब्जे से ₹5 लाख नकद, 24 चेकबुक, 12 ATM कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, कंप्यूटर सेट, प्रिंटर, FINO और NSDL ATM किट और पासबुक सहित भारी बैंकिंग सामग्री बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस अब गिरोह के फरार सरगना और अन्य बैंक खातों की जांच में जुटी है। आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।
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