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झज्जर में फर्जी रजिस्ट्री गैंग का बड़ा खेल: पुलिस कर्मी समेत कई सह-मालिकों की जमीन का फर्जी मुख्तारनामा बनाकर बेचने का आरोप,शहर के लोकल लोगों की संलिप्तता की आशंका – Jhajjar News

झज्जर में फर्जी रजिस्ट्री गैंग का बड़ा खेल:  पुलिस कर्मी समेत कई सह-मालिकों की जमीन का फर्जी मुख्तारनामा बनाकर बेचने का आरोप,शहर के लोकल लोगों की संलिप्तता की आशंका – Jhajjar News

झज्जर शहर में फर्जी रजिस्ट्री, फर्जी विरासत और नकली पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन हड़पने के मामलों ने बड़ा रूप लेना शुरू कर दिया है। वार्ड नंबर 16, मोहल्ला छावनी से सामने आए मामले में हरियाणा पुलिस के एक सिपाही समेत कई सह-मालिकों की करीब 8 कनाल 10 मरले जमीन कथित तौर पर फर्जी मुख्तारनामा बनाकर ट्रांसफर कर दी गई। वहीं अब कई अन्य पीड़ित भी सामने आए हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी आधार कार्ड, नकली फोटो और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी जमीनें भी दूसरे लोगों के नाम चढ़ा दी गईं। मामले में शहर के कुछ लोकल लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। शिकायत के अनुसार हरिओम पुत्र फकीर चंद, जो हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं, तथा अन्य सह-मालिकों की रेलवे स्टेशन के पास स्थित करीब 8 कनाल 10 मरले जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया। पीड़ितों का कहना है कि 21 अप्रैल 2026 को जब प्रार्थी भजनलाल पटवार भवन में फर्द निकलवाने पहुंचे तो मालिक कॉलम में उनका नाम गायब मिला और वहां अनिता पत्नी हवा सिंह का नाम दर्ज पाया गया। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर एक फर्जी मुख्तारनामा (आम) तैयार कर जमीन का बिक्री पत्र अपनी ही पत्नी अनीता के नाम दर्ज कराया गया और 13 जून 2025 को इंतकाल भी मंजूर करवा लिया गया। मामले में सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि जिस तारीख 01 जुलाई 2024 को मुख्तारनामा तैयार होना दर्शाया गया है, उस दिन हरिओम हरियाणा पुलिस में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। ऐसे में शिकायतकर्ताओं ने पूरे दस्तावेजी रिकॉर्ड को फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ितों ने हैरानी जताई कि ऑनलाइन सिस्टम और सुरक्षा संबंधी तमाम अपग्रेडेशन होने के बावजूद किसी और की जमीन दूसरे के नाम चढ़ा दी गई और फर्जी तरीके से दस्तावेज व पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर दी गई। पीड़ित भजनलाल खोहाल का कहना है कि यदि तहसील स्तर पर पूरे मामले की गहराई से जांच हो तो कई अन्य लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा हो सकता है। उनका आरोप है कि झज्जर शहर निवासी कृष्ण, रामकुमार, बलजीत, अमरजीत, सरजीत, विमला देवी और कश्मीरी देवी के फर्जी आधार कार्ड और नकली दस्तावेज तैयार कर ग्वालिसन रोड स्थित उनकी जमीनें दूसरों को बेच दी गईं। बाद में खरीदारों ने आगे तीसरे व्यक्तियों के नाम GPA भी कर दी। बनवारी लाल रजिस्ट्री करवाने पहुंचे तो खुला खेल छावनी मोहल्ला निवासी बनवारी लाल खोहाल ने बताया कि उन्होंने ग्वालिसन रोड स्थित अपनी जमीन अमित भंगाड़ नामक व्यक्ति को 24 अप्रैल को बेची थी। जब वह रजिस्ट्री करवाने तहसील पहुंचे तो पता चला कि जमीन पहले ही शीला देवी के नाम दर्ज हो चुकी है। इसके बाद उन्हें कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। फर्जीवाड़े के दो बड़े केस केस-1: हिमाचल से बनी फर्जी GPA झज्जर निवासी सूरजभान जाखड़ ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी कश्मीरी देवी के नाम छावनी मोहल्ला निवासी फकीरचंद प्रजापति से जमीन खरीदी थी। अब तहसील रिकॉर्ड में सामने आया कि मई 2024 में उनकी पत्नी के नाम की जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की अम्ब तहसील से हवा सिंह फलसवाल के नाम कर दी गई। केस-2: फर्जी आधार कार्ड से जमीन ट्रांसफर झज्जर निवासी सुभाष गुर्जर के अनुसार ग्वालिसन रोड पर उनकी, उनकी पत्नी विमला देवी और अन्य लोगों के नाम करीब चार एकड़ जमीन थी, जिसे उन्होंने 2011 में खरीदा था। आरोप है कि जून 2024 में उनकी पत्नी का फर्जी आधार कार्ड बनाकर जमीन किसी और के नाम ट्रांसफर कर दी गई। शहर में एक लोकल गिरोह के सक्रिय होने की आशंका सूत्रों के अनुसार झज्जर शहर में यह कोई अकेला मामला नहीं है। चर्चा है कि कई जमीनों में फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, फर्जी विरासत और पुराने कागजों के आधार पर नकली मालिक तैयार किए गए हैं। शहर में एक लोकल गिरोह के सक्रिय होने की आशंका भी जताई जा रही है, जो कथित रूप से पुराने दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीनों की खरीद-फरोख्त करा रहा है। फिलहाल जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। प्रशासन का बयान डॉ. वर्षा खंगवाल, डीसी झज्जर ने कहा जमीन संबंधी फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आई है। संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने और मामला सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।



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