टीकमगढ़ में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने शासकीय पीएम श्री पीजी कॉलेज में प्रदर्शन किया। उन्होंने महाविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, अव्यवस्थाओं और तानाशाही के खिलाफ कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कॉलेज का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। एबीवीपी के जिला संयोजक कपिल प्रजापति ने बताया कि हाल ही में लोकायुक्त पुलिस ने प्राचार्य के चेंबर में बैठे बाबू नितिन को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। यह रिश्वत एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के वैध भुगतान को जारी करने के एवज में मांगी गई थी। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी नाक के नीचे इतनी बड़ी रिश्वतखोरी कैसे चल रही थी। उन्होंने पूछा कि क्या प्राचार्य को इसकी जानकारी नहीं थी, और यदि थी, तो बाबू को बचाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के बाबू और अधिकारी मिलकर विद्यार्थियों से लेकर चपरासियों तक से हर काम के लिए ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। भ्रष्टाचार के साथ-साथ कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर भी एबीवीपी ने प्रशासन को घेरा। कार्यकर्ताओं ने बताया कि भीषण गर्मी में छात्र-छात्राएं परीक्षा हॉल में बिना कूलर के पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जबकि कॉलेज के अधिकारी और बाबू वातानुकूलित कमरों में बैठे हैं। कॉलेज में स्वच्छ पेयजल के लिए केवल एक वाटर कूलर चालू है, जबकि अन्य सभी खराब पड़े हैं। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े हैं और केवल ‘शो-पीस’ बनकर रह गए हैं। पूरे महाविद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों में रिश्वतखोर बाबू पर तत्काल सख्त विभागीय कार्रवाई करने, बंद पड़े कैमरों को तुरंत चालू करने और सुरक्षा के मद्देनजर बिना ड्रेस कोड व आईडी कार्ड के बाहरी तत्वों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित करने की बात कही। उन्होंने पेयजल व्यवस्था में सुधार और परीक्षा कक्षों में तत्काल कूलरों का इंतजाम करने की भी मांग की।
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