पंजाब में आज 8 नगर निगमों के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। इनमें बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली शामिल हैं। इनके अलावा 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए भी मतदान हो रहा है। खास बात यह है कि इसमें EVM की जगह बैलेट पेपर से वोट डाले जा रहे हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू हुई है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। इस चुनाव में 7,555 कैंडिडेट चुनाव मैदान में हैं। 36.73 लाख वोटर मतदान करेंगे। चुनाव को लेकर पूरी सख्ती बरती गई है। राज्य चुनाव आयोग ने 9 चीजों को अंदर ले जाने पर रोक लगा दी है। यहां तक कि स्विच ऑफ मोबाइल भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। वोटिंग के चलते आज पंजाब के सरकारी छुट्टी है। इसके अलावा शराब बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। वोटिंग में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए 35 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। सबसे ज्यादा AAP के 1801 उम्मीदवार राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में 8 नगर निगमों में 1613 उम्मीदवार हैं। 75 नगर कौंसिलों में 5142 और 20 नगर पंचायतों में 800 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार AAP के 1801 कैंडिडेट चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पोलिंग बूथ में इन 9 चीजों पर रोक पंजाब के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि इस बार मतदान के दौरान बूथ के अंदर 9 चीजों को ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। इस बार मोबाइल पूरी तरह बैन किया गया है। चुनाव आयुक्त का कहना है कि स्विच ऑफ मोबाइल को भी पोलिंग बूथ के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा, पानी की बोतल, स्याही, चाकू, पेचकस, हथियार, कैमरा, माचिस की डिब्बी और लाइटर अंदर नहीं ले जा पाएंगे। उन्होंने कहा कि वोटर अपना मोबाइल घर पर रख कर वोट देने निकलें। 274 पोलिंग बूथ अति संवेदनशील राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, वोटिंग के लिए कुल 3,977 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 740 पोलिंग बूथों को संवेदनशील और 274 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया है। इस चुनाव में 36 हजार मुलाजिमों की तैनाती की गई है। 35 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी फील्ड में रहेंगे। हर बूथ पर 5 मुलाजिमों की तैनाती होगी। पोलिंग बूथों में लगेंगे कैमरे, एक साल तक सेफ रहेगी फुटेज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में संबंधित फुटेज को बिना परमिशन नष्ट नहीं किया जाएगा। अदालत की ओर से रिकॉर्डिंग कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने के आदेश दिए गए हैं। चुनाव आयुक्त बोले- कोई गड़बड़ी न करे, DVR भी स्ट्रॉन्ग रूम में रहेगी राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश न करे। हर बूथ के अंदर और बाहर सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिसकी फुटेज रिटर्निंग अधिकारी के पास होगी। वार्ड स्तर पर रिटर्निंग अधिकारी फुटेज के लिए जिम्मेदार होंगे। मतदान प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद डीवीआर स्ट्रांग रूम में ही सुरक्षित रखी जाएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नर की होगी।
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