सीहोर जिले के बिजौरी गांव में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी के बीच बिजली की आंख-मिचौली से नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए और विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दिन हो या रात, बिजली कब चली जाए और कब आए, इसका कोई तय समय नहीं है। घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। रात में लोग ठीक से सो नहीं पा रहे, जबकि दिन में जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। पेयजल संकट और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कटौती के कारण गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। मोटर और पंप नहीं चल पाने से पानी की समस्या बढ़ रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बुजुर्ग और बीमार लोग भी गर्मी से परेशान हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि बिजली कंपनी समय पर भारी-भरकम बिल वसूलने में कोई ढिलाई नहीं करती, फिर 24 घंटे बिजली सप्लाई के दावे क्यों पूरे नहीं हो रहे। उनका आरोप है कि निर्बाध बिजली सप्लाई के बड़े-बड़े दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टाल देते हैं। लोगों ने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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