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हत्या के चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा: 12 जुलाई, 2015 को रूपराम की हो गई थी मौत, एसीजेएम-20 ने सुनाई सजा – Meerut News

हत्या के चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा:  12 जुलाई, 2015 को रूपराम की हो गई थी मौत, एसीजेएम-20 ने सुनाई सजा – Meerut News

मेरठ पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मजबूत पैरवी करते हुए टीपीनगर के 10 साल पुराने एक हत्या व जानलेवा हमले के मुकदमे में चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की है। हत्यारों पर 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा है। अगर वह जुर्माना अदा नहीं करते हैं तो उनको अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला टीपीनगर थाना क्षेत्र के गोलाबढ़ का है। 12 जुलाई, 2015 को यहां जमीनी विवाद में रूपराम व उनकी बुजुर्ग पत्नी पर कुछ लोगों ने हमला किया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में उपचार के दौरान 14 जुलाई, 2015 को रूपराम की मौत हो गई। पुलिस ने पहले जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया लेकिन फिर उसमें हत्या की धारा बढ़ा दी। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा
रूपराम व उनकी पत्नी पर हमला करने वालों में उन्हीं के रिश्तेदार गुरुदयाल पुत्र नेतराम, नीरज पुत्र गुरुदयाल, मोहित पुत्र गुरुदयाल व एक भांजा भी शामिल था। पुलिस ने चारों आरोपियों को मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया और सलाखों के पीछे भेज दिया। हालांकि कुछ साल जेल में रहने के बाद सभी को जमानत मिल गई। अलग अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए
पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया और हत्या की धारा बढ़ाने के बाद एक चार्ज सेपरेट गुरुदयाल के विरूद्ध तो दूसरी आरोपी नीरज, मोहित व शिवकुमार के विरूद्ध दाखिल की। लंबे समय से अलग अलग न्यायालयों में इन पर सुनवाई चल रही थी जो 7 जनवरी, 2026 को अपर जिला न्यायाधीश, कोर्ट संख्या 20 अभिषेक उपाध्याय की न्यायालय में ट्रांसफर हो गई। दोनों पक्षों के इन अधिवक्ताओं ने की बहस
शुरु से ही इस मामले में पुलिस ने मजबूत पैरवी की। अभियोजन पक्ष से वैभव कुमार सिंह एडवोकेट और अमित दीक्षित एडवोकेट ने बहस की तो अभियुक्तगण की ओर से प्रमोद त्यागी एडवोकेट व पंकज शर्मा एडवोकेट ने पक्ष रखा। सजा सुनाते ही पुलिस ने हिरासत में लिया
अपर जिला न्यायाधीश, कोर्ट संख्या 20 अभिषेक उपाध्याय की कोर्ट में दो दिन पहले बहस पूरी हो गई और उन्होंने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। इस दौरान चारों आरोपी कटघरे में मौजूद रहे। जैसे ही न्यायाधीश अभिषेक उपाध्याय ने गुरुदयाल, नीरज, मोहित व शिवकुमार को आजीवन करावास की सजा सुनाई, वहां सन्नाटा पसर गया। पुलिस ने चारों को हिरासत में लिया और जेल में दाखिल कर दिया।



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