आरक्षण को लेकर हरियाणा का कानून चंडीगढ में लागू
केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हरियाणा पिछड़ा वर्ग (सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण) अधिनियम, 2016 को चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश में भी लागू कर दिया है। इसके बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन काम करने वाले सभी विभागों, उच्च शैक्षणिक/तकनीकी
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गृह मंत्रालय की ओर से 5 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना के मुताबिक अब यह कानून चंडीगढ़ में भी लागू होगा। इसके तहत भर्ती और एडमिशन दोनों में ही ओबीसी उम्मीदवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई 2025 को एक अहम आदेश भी सुनाया था। “ध्रुव यादव बनाम भारत संघ” केस में कोर्ट ने चंडीगढ़ में ओबीसी को 27% आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ किया था। इसके बाद ही गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की।
सभी विभागों को मिले निर्देश चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागों, बोर्डों और कॉरपोरेशन को इस कानून के पालन के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे तुरंत प्रभाव से लागू करें। हरियाणा कानून को चंडीगढ़ में लागू करते समय कई शब्दों को संशोधित किया गया है। जैसे जहां-जहां “स्टेट गवर्नमेंट” लिखा था, वहां “एडमिनिस्ट्रेटर” शब्द जोड़ा गया है और “गवर्नमेंट” की जगह “केंद्रीय सरकार” शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
अब शिक्षा और नौकरियों में बढ़ेगा ओबीसी प्रतिनिधित्व इस अधिसूचना के लागू होने से चंडीगढ़ में ओबीसी समुदाय को शिक्षा और सरकारी नौकरियों दोनों में बड़ी राहत और प्रतिनिधित्व मिलेगा। सरकारी विभागों से लेकर कॉलेजों और मेडिकल संस्थानों तक सभी जगह ओबीसी उम्मीदवारों को 27% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
