यमुनानगर जिला कारागार के भीतर हेरोइन पहुंचाने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। पैरोल से लौटे पोस्को एक्ट के सजायाफ्ता बंदी ने नशीले पदार्थ को कपड़ों की सिलाई में छिपाकर जेल के अंदर ले जाने की कोशिश की, ताकि यह खेप हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहे एक कैदी तक पहुंचाई जा सके। 10 सप्ताह की पैरोल अवधि पूरी कर जेल वापस लौटे कैदी की नियमित तलाशी के दौरान यह नशा बरामद हुआ। तलाशी के दौरान कैदी के ग्रे रंग के ट्रैक सूट के लोअर की इलास्टिक सिलाई में छिपाकर रखी गई सफेद पाउडर-नुमा नशीली वस्तु की दो पुड़िया बरामद की गईं। पॉक्सो एक्ट के तहत सजा काट रहा कैदी पकड़े गए कैदी की पहचान शाहरुख पुत्र इस्लाम (22 वर्ष), निवासी ग्रीन विहार कॉलोनी, वार्ड नंबर-5, जगाधरी के रूप में हुई है। शाहरुख पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल की सजा काट रहा है और वर्तमान में जिला कारागार यमुनानगर में बंद है। जेल के भीतर सप्लाई की थी तैयारी पूछताछ में कैदी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि बरामद नशीला पदार्थ हेरोइन है, जिसे वह फैजपुर (थाना प्रतापनगर) निवासी जबल नामक व्यक्ति से लेकर आया था। इस हेरोइन को वह जेल में बंद एक अन्य कैदी नौशाद पुत्र शहीद (27 वर्ष), निवासी फैजपुर, को देने वाला था, जो हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बरामद हेरोइन का कुल वजन 0.26 ग्राम पाया गया है। एफआईआर दर्ज, जांच शुरू जेल प्रशासन की शिकायत पर थाना सिटी जगाधरी में धारा 21 एनडीपीएस एक्ट व 42 प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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