देवास जिला न्यायालय में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत से अभद्रता और धमकी देने के मामले में शामिल सभी चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। शुक्रवार को दो आरोपी भीम घारु और श्याम पंडित को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इससे पहले, नाहर दरवाजा पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज घारु और विशाल मालवीय को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया था। यह घटना दो दिन पूर्व हुई थी, जब एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें कुछ लोग न्यायाधीश प्रसन्न सिंह से गाड़ी निकालने की बात पर अभद्रता करते नजर आ रहे थे। मामले में जज ने नाहर दरवाजा थाने में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज करवाया था। आरोपियों में एक भाजपा नेता पंकज घारु भी शामिल है। इस घटना के बाद देवास कोर्ट के सभी वकीलों ने आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया था। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने बताया कि आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने किसी भी आरोपी को विशेष सुविधा या सुरक्षा न दिए जाने की बात कही।
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