मुख्य बातें

एचसी के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: अब्दुल समद ने दायर की याचिका, बोले- मोहल्लों की मस्जिदों में नमाज पढ़ें, कानूनी लड़ाई जारी रहेगी – Dhar News

एचसी के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट:  अब्दुल समद ने दायर की याचिका, बोले- मोहल्लों की मस्जिदों में नमाज पढ़ें, कानूनी लड़ाई जारी रहेगी – Dhar News

धार भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समाज ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने इस बारे में बताया कि हाई कोर्ट के फैसले से मायूसी है। इस फैसले को एकतरफा बताते हुए मुस्लिम पक्ष ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनकी ओर से याचिका दायर कर दी गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई करने और हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग करेंगे। समद का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हाई कोर्ट के समक्ष सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किए गए। कानूनी दायरे में रहकर लड़ाई जारी रहेगी
अब्दुल समद के अनुसार, कमाल मौला मस्जिद में पिछले लगभग 700 वर्षों से लगातार जुमे की नमाज अदा की जाती रही है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा को रोके जाने से समाज को गहरा दुख पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे इस पूरी लड़ाई को पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर ही लड़ेंगे। शहर में अमन-चैन बनाए रखने के लिए समाज के युवाओं और बुजुर्गों से विशेष अपील की गई है। शहर का माहौल किसी भी सूरत में नहीं बिगड़ना चाहिए। लोग किसी भी तरह की अफवाह या बहकावे में न आएं। कानून-व्यवस्था का सम्मान करते हुए सभी लोग अपने-अपने मोहल्लों और स्थानीय मस्जिदों में शांतिपूर्वक इबादत करें। समुदाय के लोगों से गुजारिश की गई है कि वे कमाल मौला मस्जिद के हक में और न्याय के लिए विशेष दुआ करें। उन्होंने भारत के संविधान और न्यायपालिका के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत से उन्हें पूरा न्याय मिलने की उम्मीद है और वे केवल कानूनी व शांतिपूर्ण तरीकों से ही अपनी बात आगे रखेंगे। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *