जालौन जनपद के कुठौंद थाना क्षेत्र के भदेख दिवारा गांव में मंडप विसर्जन की रस्म के दौरान यमुना नदी में डूबने से 11 वर्षीय किशोरी गीता लापता हो गई। शनिवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल के पास से उसका शव बरामद कर लिया। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी हरबिलास की पुत्री छवि का विवाह 26 फरवरी को संपन्न हुआ था। शुक्रवार दोपहर विवाह की परंपरा के तहत परिजन और ग्रामीण यमुना नदी में मंडप विसर्जन के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान गांव के गया प्रसाद की 11 वर्षीय पुत्री गीता भी मंडप प्रवाहित करने के लिए नदी में उतर गई।
बताया जाता है कि मंडप विसर्जन के दौरान गीता अनजाने में गहरे पानी की ओर चली गई और तेज धारा में समा गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन धारा तेज होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शुक्रवार को स्थानीय गोताखोरों तथा ग्रामीणों की मदद से तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार सुबह एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद किशोरी का शव घटनास्थल के पास गहरे पानी से बरामद किया गया। गीता अपने तीन भाइयों की इकलौती बहन थी। और वह कक्षा 5 वीं में पढ़ रही थी, उसकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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