रामपुर के मोहल्ला घेर मियां खान स्थित मस्जिद शाहजी मियां मसूद आलम खान में रविवार रात तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरान पाक मुकम्मल किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नमाज़ी मौजूद रहे, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। तरावीह की नमाज़ में हाफिज़ दानिश खान ने प्रतिदिन तीन पारे तिलावत कर कुरान मुकम्मल कराया। समा के फरायज़ हाफिज़ मोहम्मद ज़ैद अली खान ने अदा किए। कुरान मुकम्मल होने के बाद हाफिज़ दानिश खान ने रमज़ान की फज़ीलत और उसकी अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अल्लाह तआला ने रमज़ान के मुबारक महीने को तीन अशरों में बांटा है। पहला अशरा रहमत का, दूसरा मग़फिरत का और तीसरा जहन्नुम से निजात का होता है। उन्होंने इस महीने को साल के सभी महीनों से अफज़ल बताते हुए अधिक से अधिक इबादत करने की प्रेरणा दी। हाफिज़ दानिश खान ने नमाज़ियों को रमज़ान के बाद भी पांच वक्त की नमाज़ पाबंदी से अदा करने की नसीहत दी। उन्होंने झूठ, फरेब, गीबत, चुगलखोरी, जलन और लड़ाई-झगड़े जैसी बुराइयों से बचने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि रोज़ा सब्र का नाम है और इसका सवाब अल्लाह तआला स्वयं प्रदान करता है। उन्होंने यह भी बताया कि कयामत के दिन हाफिज़ के माता-पिता के सिर पर सोने का ताज पहनाया जाएगा, जिसकी चमक सूरज से भी अधिक होगी। कार्यक्रम का समापन दुआ के साथ हुआ और हाफिज़ों की गुलपोशी की गई। इस अवसर पर मस्जिद के मुतवल्ली इम्तियाज आलम खान सहित क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में अकीदतमंद उपस्थित रहे।
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