भिलाई सुंदर नगर में पत्नी की हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि चरित्र पर संदेह किसी की जान लेने का औचित्य नहीं है। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि चरित्र पर संदेह किसी की जान लेने का औचित्य नहीं है। बचाव पक्ष ने इसे आरोपी का पहला अपराध बताते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया। हालांकि, अदालत ने सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का गहन विश्लेषण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। क्या है पूरा मामला कैसे हुई वारदात जांच में क्या मिला कोर्ट में क्या हुआ कोर्ट का फैसला
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