हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया है। सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वे इस संबंध में स्पीकर को प्रिविलेज मोशन सौंपने जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बार-बार झूठ बोलकर सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे बयान देते हैं जैसे वे किसी जनसभा को संबोधित कर रहे हों, जो सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। मुख्यमंत्री को झूठ बोलते हुए साढ़े तीन साल होने जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के कथित झूठे बयानों की एक सूची तैयार की गई है, जिसे स्पीकर को सौंपा जाएगा। इस मुद्दे को लेकर सदन के भीतर तीखी बहस होने के आसार हैं, जिससे बजट सत्र के दौरान सियासी तापमान बढ़ सकता है। अधिकारियों के सेवा विस्तार पर तपेगा सदन प्रदेश विधानसभा का बजट सेशन का दूसरा चरण शुरू हो गया है। सदन की कार्यवाही ठीक 11 बजे प्रश्नकाल के साथ आरंभ हुई। प्रश्नकाल के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए सेवा विस्तार का मामला सदन में गूंजा। ऊना से बीजेपी विधायक सत्तपाल सत्ती ने इससे जुड़ा सवाल पूछ रखा था। सीएम सुक्खू ने इसके जवाब में कहा कि संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों (ODI) अहम पदों पर बैठे अधिकारियों की छुट्टी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सदन में आश्वासन नहीं दूंगा, बल्कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को सीधा हटा दिया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार द्वारा अब तक विभिन्न मामलों में जांच के लिए गठित विभिन्न समितियों से जुड़ा सवाल लगेगा। धर्मशाला से बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने यह सवाल पूछ रखा है। उन्होंने विभिन्न मामलों की जांच रिपोर्ट और कैबिनेट समितियों के गठन की जानकारी मांग रखी है। इस सवाल पर सदन में नोकझोंक देखने को मिल सकती है। सेब की खेती पूरे प्रदेश में करने का मामला गूंजेगा विधानसभा में पूरे प्रदेश में सेब की खेती के विस्तारीकरण से जुड़ा सवाल भी गूंजेगा। चुराह से बीजेपी विधायक हंसराज ने इससे जुड़ा सवाल पूछ रखा है, क्योंकि अब तक सेब की ज्यादातर खेती शिमला जिला तक सीमित है। उन्होंने पूरे प्रदेश में सेब की खेती के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है।
राज्यपाल से मंजूर 4 विधेयक पटल पर रखे जाएंगे इसी तरह सदन में लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और एचआरटीसी से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल से मंजूर चार विधेयक सदन के पटल पर रखे जाएंगे। इनमें नगर निगम मेयर का कार्यकाल ढाई से बढ़ाकर पांच साल करने वाला विधेयक भी शामिल है। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी, जो कि अगले तीन दिन चलती रहेगी। 20 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू चर्चा का जवाब देंगे। 21 मार्च को सुबह 11:00 बजे सीएम सुक्खू वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। अगले तीन दिन (23, 24 व 25) मार्च को बजट अनुमान पर और अगले दो दिन कट मोशन पर चर्चा होगी। 30 मार्च को बजट पारित किया जाएगा, जबकि 31 मार्च को प्राइवेट मेंबर डे रहेगा। बजट सेशन में होंगी 13 बैठकें बजट सत्र के दूसरे चरण में कुल 13 बैठकें होंगी। इस दौरान सरकारी विभागों में खाली पद, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि, हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड से CBSE बोर्ड में स्कूलों का विलय, सड़क, पुल निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर इत्यादि से जुड़े ज्यादातर प्रश्न सदन में गूंजेंगे। इस बजट सेशन का पहला चरण 16 से 18 फरवरी तक हो चुका है। तब बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई थी और विधानसभा में तीन दिन तक रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद करने को लेकर चर्चा हुई और प्रस्ताव पारित इसकी बहाली के लिए केंद्र को भेजा गया।
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